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सीजेपी के दिल्ली प्रदर्शन को लेकर पटना में सुरक्षा कड़ी, एनडीए नेताओं ने पाबंदियों का किया बचाव

सीजेपी के दिल्ली प्रदर्शन को लेकर पटना में सुरक्षा कड़ी, एनडीए नेताओं ने पाबंदियों का किया बचाव
सीजेपी के दिल्ली प्रदर्शन को लेकर पटना में सुरक्षा कड़ी, एनडीए नेताओं ने पाबंदियों का किया बचाव

पटना, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। कॉक्रोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए पटना में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं।

पटना में संभावित मार्च और विरोध प्रदर्शनों की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ा दी है। गांधी मैदान में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों को तैनात किया गया है, जबकि जेपी गोलंबर पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और बिहार पुलिस के जवान तैनात हैं। शहर के कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सतर्क है।

इस बीच, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने प्रदर्शनकारियों की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पिछले प्रदर्शनों के दौरान पुलिस के साथ झड़पें हुई थीं और पत्रकारों पर हमले किए गए थे।

जोशी ने कहा, “यह बचकाना हरकत है। जब वे प्रदर्शन करने आते हैं और अपने लोगों को साथ लाते हैं, तो उन्हें नियंत्रित नहीं कर पाते। वे पुलिस पर हमला करते हैं और यहां तक कि महिला पत्रकारों पर भी हमले करते हैं।”

उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कानून व पुलिस के निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने भी सुरक्षा इंतजामों का बचाव किया। उन्होंने बिहार में आगजनी की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी इंतजाम करती है।

रूडी ने कहा, “हमने बिहार में भी आगजनी की घटनाएं देखी हैं। सरकार हमेशा जरूरी व्यवस्था करती है। यदि आप सरकार को चुनौती देते हैं या कानून-व्यवस्था में बाधा डालते हैं, तो व्यवस्था बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी बन जाती है। मुझे इसमें कुछ भी असामान्य नहीं लगता।”

बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने भी प्रदर्शन से पहले लगाई गई पाबंदियों का समर्थन किया। उन्होंने सीजेपी को अपंजीकृत संगठन बताते हुए उसके राजनीतिक आधार पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि उसके सदस्य लोकतांत्रिक तथा कानूनी प्रक्रियाओं का सम्मान नहीं करते।

यादव ने कहा, “दुनिया की कोई ताकत नरेंद्र मोदी सरकार को डरा नहीं पाई है और न ही कभी डरा पाएगी।”

मेट्रो सेवाओं और ट्रेनों को रद्द किए जाने की खबरों पर उन्होंने कहा कि लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है। यादव ने कहा, “माना कि मेट्रो सेवाएं और 250 ट्रेनें रद्द की गई हैं, लेकिन क्या सरकार को लोगों की जान की सुरक्षा नहीं करनी चाहिए? ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। मानव जीवन अनमोल है और सरकार का फैसला इसी को ध्यान में रखकर लिया गया है। यह स्वागत योग्य कदम है।”

वहीं, बिहार सरकार के मंत्री मिथिलेश तिवारी ने प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के स्तर पर सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं किया जाता।

तिवारी ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश की कही गई हर बात सरकार और अधिकारियों के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रशासन एहतियाती कदम उठा रहा है और हर स्थिति से संवेदनशीलता के साथ निपट रहा है।

उन्होंने कहा, “मुख्य न्यायाधीश का हर शब्द हमारे सरकारी अधिकारियों और सरकार के लिए मूल्यवान है। इसलिए चिंता न करें, सरकार हर स्थिति को पूरी संवेदनशीलता के साथ संभाल रही है।”

दिल्ली और पटना में संभावित प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा इंतजाम जारी हैं। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

इससे पहले शुक्रवार को सीजेपी के दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले पटना और दिल्ली के बीच चलने वाली चार प्रमुख ट्रेनों को रद्द कर दिया गया था। इनमें राजेंद्र नगर टर्मिनल-नई दिल्ली तेजस राजधानी एक्सप्रेस, संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस और इस्लामपुर-नई दिल्ली मगध एक्सप्रेस शामिल हैं।

ट्रेनों के रद्द होने की सूचना के बाद पटना जंक्शन पर यात्रियों की भीड़ जुट गई। यात्री अपनी यात्रा से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए परेशान दिखे।

--आईएएनएस

डीएससी

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