असम: 2.146 किलो मेथामफेटामाइन तस्करी मामले में तीन दोषियों को 15 साल की सजा
गुवाहाटी, 4 सितंबर (आईएएनएस)। असम के कामरूप (मेट्रो) जिले की एक विशेष एनडीपीएस अदालत ने तीन ड्रग तस्करों को 2.146 किलोग्राम मेथामफेटामाइन टैबलेट की तस्करी के लिए 15 साल की कठोर कैद और प्रत्येक पर 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। इस संबंध में अधिकारियों ने शुक्रवार को जानकारी दी।
यह सजा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की गुवाहाटी जोनल यूनिट ने अक्टूबर 2020 के एक मामले में दिलाई है।
एनसीबी के मुताबिक, उसकी गुवाहाटी यूनिट ने खास जानकारी मिलने पर 14 अक्टूबर 2020 को गुवाहाटी के सिक्स माइल-खानापारा इलाके में वीआईपी रोड पर रहमान हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड के पास टैबलेट के रूप में 2.146 किलोग्राम मेथामफेटामाइन जब्त किया था।
यह प्रतिबंधित सामान तीन लोगों से बरामद किया गया था, जिनकी पहचान मणिपुर के शकील खान और मोहम्मद याहिया खान तथा बिहार के मिथिलेश कुमार के रूप में हुई थी।
इसके बाद एनसीबी ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जांच के बाद, एंटी-नारकोटिक्स एजेंसी ने 8 अप्रैल 2021 को अदालत में अपनी शिकायत (चार्जशीट) दाखिल की। ट्रायल पूरा होने के बाद, गुवाहाटी की कामरूप (मेट्रो) अदालत के विशेष एनडीपीएस जज ने शकील खान, याहिया खान और मिथिलेश कुमार को एनडीपीएस एक्ट की धाराओं 22(सी), 28, 29, 35 और 54 के तहत दोषी पाया।
अदालत ने 3 सितंबर को फैसला सुनाया और तीनों दोषियों में से प्रत्येक को 15 साल की कठोर कैद और 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया। जुर्माना न भरने पर, प्रत्येक को अतिरिक्त एक साल की जेल काटनी होगी।
एनसीबी ने कहा कि यह फैसला उस गंभीरता को दिखाता है, जिसके साथ संगठित ड्रग तस्करी को देखा जा रहा है और यह नारकोटिक्स नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत को फिर से पुष्ट करता है।
--आईएएनएस
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