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पश्चिम बंगाल: एसआईआर की सुनवाई के नोटिस के डर से तीन लोगों की मौत

कोलकाता, 19 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर 24 परगना, नादिया और बीरभूम के तीन अलग-अलग जिलों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सुनवाई प्रक्रिया के डर से तीन लोगों की मौत हो गई है।
पश्चिम बंगाल: एसआईआर की सुनवाई के नोटिस के डर से तीन लोगों की मौत

कोलकाता, 19 जनवरी (आईएएनएस)। उत्तर 24 परगना, नादिया और बीरभूम के तीन अलग-अलग जिलों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सुनवाई प्रक्रिया के डर से तीन लोगों की मौत हो गई है।

पुलिस सूत्रों ने सोमवार को बताया कि दो लोगों ने आत्महत्या की, जबकि एक की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई। उनके परिवारों ने आरोप लगाया कि एसआईआर के डर के कारण उनकी मृत्यु हुई।

उत्तर 24 परगना जिले के हिंगलगंज में, एक पिता की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई, जब उनके बेटे और बेटी को उनके मतदाता पंजीकरण की जानकारी में 'तार्किक विसंगतियों' के लिए एसआईआर सुनवाई के नोटिस मिले।

पता चला है कि बेटे अब्दुर रहमान और बेटी अंजुरा बीबी को एसआईआर सुनवाई के लिए बुलाया गया था। परिवार का दावा है कि उनके पिता छोयेद शेख की मृत्यु भय और चिंता के कारण हुई।

यह घटना हिंगलगंज के मामूदपुर स्थित बूथ नंबर 103 क्षेत्र की है। परिवार के अनुसार, छोयेद की चिंता तब और बढ़ गई जब उन्हें पता चला कि उनका बेटा दूसरे राज्य में काम करता है, इसलिए वह एसआईआर सुनवाई में उपस्थित नहीं हो पाएगा।

62 वर्षीय व्यक्ति भय के कारण बीमार पड़ गया और सोमवार सुबह उसे दिल का दौरा पड़ गया। उसे हिंगलगंज ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मृत्यु हो गई।

मृतक की बेटी अंजुरा ने पत्रकारों को बताया, "मुझे और मेरे भाई को सुनवाई के नोटिस मिले थे। मेरा भाई दूसरे राज्य में प्रवासी मजदूर के रूप में काम करता है। हमारी सुनवाई सोमवार को होनी थी। मेरे पिता कई दिनों से बहुत चिंतित थे क्योंकि मेरा भाई नहीं आ सका था। हमने उन्हें समझाने की बहुत कोशिश की। मेरे पिता की मृत्यु एसआईआर के डर के कारण हुई।"

इसी बीच, नादिया जिले के करीमपुर इलाके में नाम में गड़बड़ी के कारण पत्नी के नाम पर नोटिस आने से फिजुर खान नाम का एक व्यक्ति भयभीत हो गया। परिवार का दावा है कि इसी भय के कारण नादिया के होगलबेरिया पुलिस थाना क्षेत्र के रहने वाले फिजुर खान ने रविवार रात आत्महत्या कर ली।

स्थानीय और पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, फिजूर की पत्नी परवीना बीबी को एसआईआर सुनवाई का नोटिस मिला और दस्तावेजो में उनके नाम की वर्तनी या अन्य जानकारी में विसंगतियों के कारण उन्हें पेश होने के लिए कहा गया।

परिवार का दावा है कि फिजूर को लगा था कि उनकी पत्नी को बांग्लादेश भेज दिया जाएगा।

बीडीओ देवब्रत चक्रवर्ती ने कहा, "तार्किक विसंगतियों को दूर करना एक सामान्य प्रक्रिया है। इसका देश से निर्वासित किए जाने से कोई संबंध नहीं है।"

इसी बीच, बीरभूम जिले के रामपुरहाट नगरपालिका के वार्ड 14 में जॉनी शेख नामक एक व्यक्ति ने आत्महत्या कर ली। उसके परिवार का आरोप है कि उसने एसआईआर से संबंधित भय के कारण यह चरम कदम उठाया।

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, जॉनी ट्रेनों में पानी की बोतलें बेचा करता था। उसकी पत्नी उसे कई साल पहले छोड़कर चली गई थी। वह कभी-कभार शराब पीता था। वे रेलवे की जमीन पर रहते थे। उसके पिता का देहांत हो चुका है और उसकी मां काम के सिलसिले में मुंबई में रहती है। जॉनी रामपुरहाट में अपने चचेरे भाई के घर खाना खाता था।

रविवार दोपहर को खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में गया और दरवाजा बंद कर लिया। जब उसने रात तक दरवाजा नहीं खोला, तो स्थानीय लोगों को शक हुआ। सूत्रों के मुताबिक, निवासियों ने ताला तोड़कर दरवाजा खोला और उसे मृत पाया।

परिवार का दावा है कि चुनाव आयोग ने उस वार्ड में 171 लोगों को सुनवाई का नोटिस जारी किया था। उन्हें डर था कि कहीं उन्हें भी सुनवाई का नोटिस न मिल जाए। उनका आरोप है कि इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम

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