'पार्टी में बने रहने के इच्छुक न हों तो अभी पार्टी छोड़ सकते हैं': तृणमूल समीक्षा बैठक में ममता बनर्जी का बयान
कोलकाता, 15 मई (आईएएनएस)। हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद कई पार्टी नेताओं के बागी होने के बीच, पार्टी सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को स्पष्ट संदेश दिया कि मौजूदा संकट के समय पार्टी में बने रहने के इच्छुक न हों तो वे तुरंत पार्टी छोड़ सकते हैं।
बैठक में उपस्थित एक पार्टी नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सोमवार को हार के कारणों की समीक्षा बैठक हुई। वहां पूर्व मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया कि जो नेता और कार्यकर्ता तृणमूल कांग्रेस छोड़ने की सोच रहे हैं, वे तुरंत ऐसा कर सकते हैं, और वह उन्हें रोकने के लिए जरा भी प्रयास नहीं करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि संकट की इस घड़ी में पार्टी के साथ बने रहने वाले लोग अनमोल संपत्ति बनकर उभरेंगे, और उनके साथ वह तृणमूल कांग्रेस का पुनर्निर्माण करेंगी।
नेता ने आगे बताया कि बैठक में ममता बनर्जी ने पार्टी नेतृत्व से अगले सात दिनों के भीतर क्षेत्र आधारित जनसंपर्क कार्यक्रमों को फिर से शुरू करने के संबंध में रिपोर्ट मांगी है।
साथ ही, उन्होंने पार्टी नेताओं को राज्य के बदले हुए राजनीतिक परिदृश्य में जहां भी संभव हो, ब्लॉक स्तर, नगर स्तर और क्षेत्र स्तर की बैठकें शुरू करने का निर्देश दिया।
उन्होंने जिला नेताओं से चुनाव के बाद कथित तौर पर विस्थापित हुए लोगों की सूची सीधे दक्षिण कोलकाता स्थित उनके कालीघाट आवास-सह-कार्यालय में उन्हें सौंपने को भी कहा।
ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल की पूर्व वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य, जो स्वयं एक वकील भी हैं, को चुनाव के बाद हुई हिंसा के कारण कथित तौर पर विस्थापित हुए लोगों को कानूनी सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया की निगरानी का जिम्मा सौंपा।
पार्टी नेता ने आगे कहा कि उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि तृणमूल कांग्रेस में संगठनात्मक मामलों में अंतिम निर्णय उन्हीं का होगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर पार्टी नेताओं को सार्वजनिक बयान देने या मीडिया से बात करने के बजाय पार्टी के भीतर ही अपनी बात रखनी चाहिए।
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