तेलंगाना: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने शुरू किया निजी विश्वविद्यालयों का निरीक्षण
हैदराबाद, 19 जुलाई (आईएएनएस)। सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए तेलंगाना सरकार की ओर से गठित समिति राज्य के सभी निजी विश्वविद्यालयों का दौरा कर उनकी गहन जांच कर रही है।
इस समिति की अध्यक्षता कॉलेजिएट शिक्षा आयुक्त (सीसीई) कर रहे हैं। समिति में तेलंगाना काउंसिल ऑफ हायर एजुकेशन (टीजीसीएचई) के सचिव को संयोजक बनाया गया है। इसके अलावा जेएनटीयू के रजिस्ट्रार सदस्य-संयोजक हैं। समिति में पालमुरु यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार, उस्मानिया यूनिवर्सिटी के मुख्य वित्त एवं लेखा अधिकारी और तकनीकी शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक (एकेडमिक-सी) सदस्य के रूप में शामिल हैं।
राज्य सरकार ने समिति को जरूरत पड़ने पर किसी विशेषज्ञ को शामिल करने का अधिकार भी दिया है। यह समिति सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय किए गए नौ विशेष बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करते हुए राज्य के प्रत्येक निजी विश्वविद्यालय का निरीक्षण कर रही है।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने निजी विश्वविद्यालयों की बढ़ती संख्या के पीछे के उद्देश्यों और उन्हें स्थापित करने वाले संस्थानों या व्यक्तियों के वास्तविक मकसद पर ध्यान दिया है। कोर्ट इन विश्वविद्यालयों में पढ़ाने वाले शिक्षकों की शैक्षणिक योग्यता की भी जांच कर रहा है।
बयान में कहा गया कि आयशा जैन बनाम भारत संघ मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के सामने कई शिकायतें आई थीं। इन शिकायतों की समीक्षा के बाद कोर्ट ने देशभर के निजी विश्वविद्यालयों के निरीक्षण के आदेश दिए।
निजी विश्वविद्यालयों के मनमाने तरीके से संचालन को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकारों को निर्देश दिया कि वे विश्वविद्यालयों की स्थापना के उद्देश्य से लेकर वहां दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता तक हर पहलू की गहन जांच करें और पूरी जानकारी के साथ शपथ पत्र जमा करें।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, निरीक्षण टीम राज्य के निजी विश्वविद्यालयों से जुड़े विशेष पहलुओं की जांच कर रही है और जांच के आधार पर एक विस्तृत शपथ पत्र तैयार कर रही है। राज्य सरकार इस शपथ पत्र को सुप्रीम कोर्ट में जमा करेगी।
बयान में कहा गया कि शपथ पत्र जमा करने के बाद राज्य सरकार कोर्ट के आदेशों के अनुसार आगे की कार्रवाई करेगी। इसके अलावा निरीक्षण टीम इन नौ बिंदुओं के साथ अन्य जरूरी मामलों की भी जांच कर रिपोर्ट तैयार करेगी।
--आईएएनएस
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