तेलंगाना दिसंबर में 'इन्वेस्ट तेलंगाना' शिखर सम्मेलन की करेगा मेजबानी
हैदराबाद, 14 अगस्त (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार दिसंबर में 'इन्वेस्ट तेलंगाना' थीम के साथ 'तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट 2.0' आयोजित करेगी। इसकी घोषणा शुक्रवार को की गई।
7, 8 और 9 दिसंबर को आयोजित होने वाले तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन का उद्देश्य राज्य में उद्योगों और निवेश के लिए उपलब्ध अपार अवसरों को दुनिया के सामने प्रदर्शित करना है-विशेष रूप से रक्षा, एयरोस्पेस और फार्मास्यूटिकल क्षेत्रों में।
यह फैसला शुक्रवार को मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया। कैबिनेट ने इस साल समिट को पिछले साल हुए पहले समिट (जिसमें 'तेलंगाना राइजिंग 2047' विजन पेश किया गया था) के मुकाबले बड़े पैमाने पर आयोजित करने का फैसला किया।
सूचना और जनसंपर्क मंत्री पी. श्रीनिवास रेड्डी ने कैबिनेट के फैसलों के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस साल समिट के दौरान 'फ्यूचर सिटी' प्लान पेश किया जाएगा। विभिन्न सेक्टर में तेलंगाना के स्टार्टअप्स और उद्योगों की उपलब्धियों के साथ-साथ इन क्षेत्रों में नए इनोवेशन को दिखाने के लिए प्रदर्शनी आयोजित करने और स्टॉल लगाने का फैसला किया गया।
समिट के आयोजन की देखरेख के लिए उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क और मंत्रियों श्रीधर बाबू, उत्तम कुमार रेड्डी और विवेक वेंकटस्वामी की अगुवाई में एक सब-कमेटी और अन्य विशेष कमेटियां बनाने का भी फैसला किया गया।
कैबिनेट ने स्वतंत्रता दिवस पर राज्य भर में राशन कार्ड धारकों को स्मार्ट कार्ड बांटने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया। अधिकारियों को सभी जिलों में जरूरी इंतजाम करने का निर्देश दिया गया है।
पहले राज्य में 2.81 करोड़ राशन कार्ड लाभार्थी थे, लेकिन नई सरकार ने नए राशन कार्ड जारी किए और परिवार के अतिरिक्त सदस्यों को रजिस्टर किया, जिससे 62 लाख और लोगों को फायदा मिला। अभी राज्य में कुल 3.42 करोड़ राशन लाभार्थी हैं और सरकार ने उन्हें स्मार्ट कार्ड जारी करने के लिए सभी इंतजाम पूरे कर लिए हैं।
कैबिनेट ने ‘वनकालम’ (मानसून) सीजन के लिए बारीक दाने वाले धान की सात खास किस्मों की खेती को बढ़ावा देने और किसानों को इनकी खेती के बारे में जागरूक करने का फैसला किया। राज्य भर की सभी ग्राम पंचायत इमारतों और ‘रायथु वेदिका’ (किसान मंचों) के जरिए बड़े पैमाने पर प्रचार अभियान चलाने का फैसला किया गया। साथ ही, इस साल से इन सात बारीक अनाज वाली किस्मों के लिए 500 रुपए का बोनस देने का भी फैसला किया गया।
यह भी बताया गया कि 'यासांगी' (रबी) सीजन के दौरान धान की खरीद में तेलंगाना देश में पहले स्थान पर रहा। सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 81.16 लाख टन धान खरीदा। इसमें से केंद्र सरकार केवल 63.62 लाख टन धान खरीद रही है। कैबिनेट ने बाकी बचे 17.54 लाख टन धान को ई-नीलामी के जरिए बेचने की मंजूरी दे दी।
मक्के की हालिया सफल नीलामी (जिससे राज्य को राजस्व मिला) के बाद कैबिनेट ने इस अतिरिक्त धान को भी ई-नीलामी के जरिए बेचने का फैसला किया और इसके लिए 2,389 रुपए प्रति क्विंटल का आधार मूल्य तय किया।
कैबिनेट ने आदिलाबाद, निर्मल, मुधोल, बोथ, सिरपुर, गजवेल और डुब्बाक निर्वाचन क्षेत्रों में 'यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल' बनाने की भी मंजूरी दी। राज्य सरकार ने पहले चरण के तहत 113 निर्वाचन क्षेत्रों में 'यंग इंडिया इंटीग्रेटेड रेजिडेंशियल स्कूल' परिसर बनाने का फैसला किया है। आज मंजूर किए गए सात नए स्कूलों के साथ, अब तक कुल 86 'यंग इंडिया रेजिडेंशियल स्कूल' परिसरों के लिए मंजूरी मिल चुकी है।
--आईएएनएस
एएसएच/पीएम

