तेलंगाना ने केंद्र को सूखे की स्थिति पर रिपोर्ट सौंपी: उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क
हैदराबाद, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने बुधवार को कहा कि राज्य में सूखे की स्थिति पर रिपोर्ट केंद्र को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर सरकार आवश्यक सहायता के लिए केंद्रीय मंत्रियों से मिलने के लिए दिल्ली में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अल नीनो के प्रभाव से उत्पन्न वर्षा की कमी और सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक एहतियाती उपाय कर रही है।
वे अल नीनो के प्रभाव और मौजूदा वर्षा की कमी से निपटने के उपायों पर चर्चा करने के लिए सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में बोल रहे थे।
बैठक उप-समिति के सदस्य और राज्य मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी, तुम्माला नागेश्वर राव, पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी, दानासारी सीताक्का और वकिति श्रीहरि, मुख्य सचिव संजय जाजू और नोडल अधिकारी रामकृष्ण राव के साथ बैठक में उपस्थित थे।
विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया और किसानों को सहायता देने के उपायों और पेयजल एवं सिंचाई समस्याओं के समाधान के लिए सुझाव दिए।
उपस्थित प्रतिनिधियों में कांग्रेस की ओर से अंजन कुमार यादव और किसान आयोग के अध्यक्ष कोडंडा रेड्डी, बीआरएस की ओर से विनोद कुमार, एल. रमना और सिंगिरेड्डी निरंजन रेड्डी, भाजपा विधायक दल के नेता अलेटी महेश्वर रेड्डी और एमएलसी कोमुरैया, एआईएमआईएम अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी और विधानसभा फ्लोर लीडर अकबरुद्दीन ओवैसी, सीपीआई के राष्ट्रीय सचिव पल्ला वेंकट रेड्डी और राज्य सचिव कुनामनेनी सांबासिवा राव तथा सीपीएम के राज्य सचिव जॉन वेस्ली शामिल थे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अल नीनो से उत्पन्न चुनौतियों का प्रभावी ढंग से समाधान करने के लिए सभी राजनीतिक दलों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए एक समन्वित कार्य योजना के साथ आगे बढ़ेगी।
उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से संभावित संकट से निपटने के दौरान राजनीतिक आलोचना को दरकिनार रखते हुए व्यापक जनहित में सरकार के साथ सहयोग करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक भावना का पालन करते हुए सभी राजनीतिक दलों को आमंत्रित करके बैठक बुलाई गई थी। नेताओं द्वारा दिए गए सुझावों को दर्ज कर लिया गया है और सरकार व्यवहार्य सिफारिशों को अपनी कार्य योजना में शामिल करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।
उन्होंने याद दिलाया कि विधानसभा में पहले ही अल नीनो के प्रभाव पर चर्चा हो चुकी है और सरकार ने विभिन्न बैठकें और सेमिनार आयोजित किए हैं तथा वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से परामर्श लिया है। इस मुद्दे का अध्ययन करने के लिए एक समिति का गठन भी किया गया है और जन जागरूकता बढ़ाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार आने वाले महीनों में उत्पन्न होने वाली संभावित स्थितियों का आकलन कर रही है और चुनौतियों से निपटने के लिए पहले से तैयारी कर रही है।
भट्टी विक्रमार्क ने बताया कि यदि वर्षा की कमी केवल तेलंगाना तक ही सीमित होती, तो पड़ोसी राज्यों से जलाशयों में पानी आने की संभावना हो सकती थी। हालांकि, पड़ोसी राज्यों और देश के अन्य हिस्सों में वर्षा की कमी चिंता का विषय है।
वैकल्पिक क्षेत्रों से पानी की उपलब्धता में कमी आने के साथ ही, कुशल जल संसाधन प्रबंधन का महत्व और भी बढ़ गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार जलाशयों में जल भंडारण स्तर को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने की योजना बना रही है। सूखे की स्थिति का पूर्वानुमान लगाने और उसके प्रभाव को कम करने के लिए विभागवार उपायों का समन्वय किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पेयजल की कमी को रोकने और पशुओं के लिए पेयजल और चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अग्रिम व्यवस्था करेगी।
उपमुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की सलाह पर विचार करते हुए मौजूदा स्थिति के आधार पर निर्णय लेगी।
उन्होंने आगे कहा कि सभी दलों के नेताओं द्वारा दिए गए सुझावों की भी जांच की जाएगी और उचित उपाय किए जाएंगे।
--आईएएनएस
एमएस/

