तेलंगाना: 300 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति मामले में निलंबित डीएसपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
हैदराबाद, 7 जुलाई (आईएएनएस)। तेलंगाना में आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार निलंबित पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) संकिरेड्डी भीम रेड्डी को अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। तेलंगाना भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने उन पर करीब 300 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है।
एसीबी ने सोमवार शाम गिरफ्तार किए गए भीम रेड्डी को मंगलवार को विशेष एसीबी अदालत में पेश किया। अदालत के आदेश के बाद उन्हें चंचलगुडा केंद्रीय जेल भेज दिया गया।
भीम रेड्डी पुलिस कंप्यूटर सर्विसेज (पीसीएस) में तैनात थे। एसीबी ने उन्हें हैदराबाद के इब्राहिमबाग स्थित वेसेला मीडोज स्थित उनके आवास से सोमवार शाम करीब 7:40 बजे गिरफ्तार किया।
एसीबी के अनुसार, अधिकारी ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति भ्रष्टाचार और संदिग्ध तरीकों से अर्जित की। इसी आरोप की जांच के तहत 2 जुलाई को तेलंगाना और कर्नाटक में उनके, उनके रिश्तेदारों, मित्रों, कथित बेनामी सहयोगियों और अन्य करीबियों से जुड़े 16 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई थी।
छापों के दौरान बरामद संपत्तियों का अनुमानित मूल्य करीब 300 करोड़ रुपये आंका गया है। इसे तेलंगाना के किसी पुलिस अधिकारी से जुड़े सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में से एक माना जा रहा है।
जांच में हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों में कई आलीशान संपत्तियां मिलीं। इनमें वेसेला मीडोज स्थित एक विला, टेलीकॉम नगर में जी+2+पेंटहाउस वाला मकान, कई फ्लैट, मणिकोंडा में व्यावसायिक परिसर में हिस्सेदारी, व्यावसायिक स्थल, खुले प्लॉट और तेलंगाना व कर्नाटक में कृषि भूमि शामिल है। इसके अलावा, बेंगलुरु के देवनहल्ली में एक एकड़ भूमि, विकाराबाद और संगारेड्डी में कृषि भूमि तथा विभिन्न स्थानों पर निवेश भी जांच एजेंसी के सामने आए हैं।
एसीबी ने तलाशी के दौरान आरोपी अधिकारी के घर से करीब 3.60 लाख रुपये नकद बरामद किए, जबकि एक कथित बेनामी मकान से 40 लाख रुपये नकद मिले। इसके अलावा लगभग दो किलोग्राम सोने के आभूषण, करीब 20 किलोग्राम चांदी के सामान और विभिन्न बैंक खातों में लगभग 19.91 लाख रुपये की राशि का भी पता चला है।
जांच के दौरान एसीबी को भीम रेड्डी की एक हस्तलिखित निजी डायरी भी मिली, जिसके आधार पर जांच को और गति मिली। बताया गया कि चारधाम यात्रा पर पत्नी के साथ रवाना होने से पहले मई में लिखी गई इस डायरी में उनकी संपत्तियों, निवेश, देनदारियों और कथित बेनामी लोगों के नाम दर्ज थे।
जांच एजेंसी के अनुसार, चारधाम यात्रा पर जाने से पहले आरोपी अधिकारी ने इस डायरी की स्कैन कॉपी व्हाट्सएप के जरिए अपने दोनों बेटों को भी भेजी थी।
--आईएएनएस
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