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तेलंगाना सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए नई स्वास्थ्य योजना शुरू की, 38 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा कैशलेस इलाज

तेलंगाना सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए नई स्वास्थ्य योजना शुरू की, 38 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा कैशलेस इलाज
तेलंगाना सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए नई स्वास्थ्य योजना शुरू की, 38 लाख से ज्यादा लोगों को मिलेगा कैशलेस इलाज

हैदराबाद, 17 जुलाई (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार ने शुक्रवार को सरकारी कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रित परिवारों के लिए नई कर्मचारी स्वास्थ्य योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत लाभार्थियों को राज्यभर के सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।

उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क और स्वास्थ्य मंत्री दामोदर राजनरसिम्हा ने राज्य सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम में योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान कर्मचारियों को स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए और एनईएचएस पोर्टल भी लॉन्च किया गया।

सरकार के अनुसार, इस योजना से करीब 8 लाख सरकारी कर्मचारी और पेंशनर, साथ ही उनके 29.80 लाख आश्रित परिवार के सदस्य लाभान्वित होंगे। यानी कुल मिलाकर लगभग 37.80 लाख लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा।

लाभार्थी राज्य के 886 सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस भर्ती और उपचार की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। योजना के तहत 1,816 प्रकार के इलाज और सर्जरी को शामिल किया गया है, जिनकी दरें केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना के अनुरूप तय की गई हैं।

उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने बताया कि योजना के प्रभावी और पारदर्शी संचालन के लिए सरकार ने एक विशेष ट्रस्ट का गठन किया है, जिसमें सरकारी अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों को समान भागीदारी दी गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मचारियों और उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने तथा इलाज के खर्च के कारण आर्थिक संकट से बचाने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने देखा कि गंभीर बीमारी के दौरान कई कर्मचारी इलाज के लिए कर्ज लेने को मजबूर हो जाते थे और बाद में उसे चुकाने में कठिनाइयों का सामना करते थे। नई स्वास्थ्य योजना का उद्देश्य कर्मचारियों और उनके परिवारों को व्यापक कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराकर इस समस्या का समाधान करना है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के नेतृत्व में गठित मंत्रिमंडलीय उपसमिति ने कर्मचारियों की समस्याओं पर व्यापक विचार-विमर्श के बाद इस योजना को तैयार किया है। इस समिति के अध्यक्ष स्वयं उपमुख्यमंत्री थे, जबकि मंत्री दुड्डिला श्रीधर बाबू, पोन्नम प्रभाकर और सीतक्का इसके सदस्य थे।

भट्टी विक्रमार्क ने पूर्ववर्ती बीआरएस सरकार पर कर्मचारियों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकार करीब 10,000 करोड़ रुपये के बिलों का भुगतान किए बिना चली गई थी।

उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार हर महीने करीब 2,000 करोड़ रुपये जारी कर लंबित बिलों का भुगतान कर रही है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं हर 15 दिन में इसकी समीक्षा करते हैं ताकि कोई भी भुगतान लंबित न रहे।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की प्राथमिकता शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र है। इसी दिशा में राजीव आरोग्यश्री योजना के तहत मुफ्त इलाज की सीमा 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है, जिससे राज्य के 1.06 करोड़ पात्र परिवारों को कॉरपोरेट अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है।

उन्होंने सरकारी कर्मचारियों से अपील की कि वे नई ऊर्जा और समर्पण के साथ काम करें तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, जैसे गरीबों को गुणवत्तापूर्ण चावल, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, किसानों को मुफ्त बिजली और घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट मुफ्त बिजली जैसी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

--आईएएनएस

डीएससी

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