तेलंगाना मानवाधिकार आयोग ने आवारा कुत्तों के हमलों में दो की मौत पर मांगी रिपोर्ट
हैदराबाद, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। तेलंगाना मानवाधिकार आयोग ने राज्य में आवारा कुत्तों के हमलों में दो लोगों की मौत के मामलों पर स्वतः संज्ञान लेते हुए संबंधित जिला कलेक्टरों से रिपोर्ट तलब की है।
आयोग के अध्यक्ष जस्टिस शमीम अख्तर की अध्यक्षता में यह संज्ञान मंगलवार को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर लिया गया।
आयोग के अनुसार, पेद्दापल्ली जिले में तीन वर्षीय बच्ची दिव्या बेहेरा और यादाद्री भुवनगिरी जिले में 36 वर्षीय रायकम नागराजू की मौत आवारा कुत्तों के हमलों में हुई है।
आयोग ने कहा कि यदि ये घटनाएं सही हैं तो प्रथम दृष्टया यह अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का उल्लंघन दर्शाती हैं और स्थानीय प्रशासन की संभावित लापरवाही की ओर इशारा करती हैं। साथ ही आयोग ने सार्वजनिक सुरक्षा और प्रवासी मजदूरों की संवेदनशील स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है।
आयोग ने पेद्दापल्ली और यादाद्री भुवनगिरी के जिला कलेक्टरों से घटनाओं के तथ्य और अब तक की गई कार्रवाई पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मामले की अगली सुनवाई 2 मई को होगी।
गौरतलब है कि पेद्दापल्ली जिले के कटनापल्ली गांव (सुल्तानाबाद मंडल) में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना में तीन साल की बच्ची को आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर मार डाला। बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, तभी कुत्तों ने उस पर हमला कर उसे गर्दन से पकड़कर पास के खेतों में घसीट लिया। लोगों के पहुंचने से पहले ही बच्ची ने दम तोड़ दिया।
मृतक बच्ची दिव्या बेहेरा के माता-पिता ओडिशा के प्रवासी मजदूर हैं और इलाके में एक ईंट भट्ठे पर काम करते हैं।
इस घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है और नगर निकायों से आवारा कुत्तों की समस्या पर तुरंत नियंत्रण के उपाय करने की मांग की जा रही है।
एक अन्य घटना में यादाद्री भुवनगिरी जिले के आलैरु के पास 36 वर्षीय रायकम नागराजू की भी कुत्ते के हमले के बाद मौत हो गई। वह मुलुगु में विद्युत सबस्टेशन ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे। पुलिस के अनुसार, काम पर जाते समय पेट्रोल पंप के पास कुत्ते ने उन पर हमला किया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
--आईएएनएस
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