तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने की आयुध पूजा, पैतृक गांव में समारोह में भी हुए शामिल
हैदराबाद, 20 अक्टूबर (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने विजयादशमी के अवसर पर मंगलवार को अपने आवास पर आयुध पूजा की।
उन्होंने धार्मिक परंपराओं के अनुसार पुजारियों द्वारा आयोजित समारोह में भाग लिया। अनुष्ठानों के दौरान सुरक्षाकर्मियों के आग्नेयास्त्रों को रखा गया था।
तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) के अध्यक्ष महेश कुमार गौड़, सांसद अनिल कुमार यादव, विधायक श्री गणेश और नवीन यादव, युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष शिव चरण रेड्डी और कांग्रेस नेता रोहिन रेड्डी भी समारोह में शामिल हुए।
मुख्यमंत्री बाद में नागरकुर्नूल जिले के अपने पैतृक गांव कोंडारेड्डीपल्ले के लिए रवाना हो गए, जहां उन्होंने दशहरा समारोह में भाग लिया।
विधायकों, एमएलसी, स्थानीय जन प्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, ग्रामीणों ने पारंपरिक ढोल (डप्पुलु) की लयबद्ध थाप, बड़ी-बड़ी मालाओं और फूलों की वर्षा के साथ मुख्यमंत्री का स्वागत किया।
रेवंत रेड्डी ने अपने परिवार के सदस्यों के साथ अंजनेय स्वामी मंदिर में विशेष प्रार्थना में भाग लिया। उन्होंने कोटा मैसम्मा मंदिर में भी विशेष प्रार्थना की। बाद में, दशहरा समारोह के हिस्से के रूप में, मुख्यमंत्री ने 'जम्मी चेट्टू' (जम्मी वृक्ष) पूजा में भाग लिया।
इससे पहले, मुख्यमंत्री ने दशहरा के अवसर पर अपने संदेश में तेलंगाना की एक अनूठी परंपरा का उल्लेख किया, जिसमें 'जम्मी वृक्ष' की पूजा करना और बड़ों से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उसके पत्तों का आदान-प्रदान करना शामिल है, जिन्हें 'सोना' माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रथा प्रकृति का सम्मान करने और बड़ों के प्रति आदर दिखाने की याद दिलाती है।
एक सोशल मीडिया पोस्ट में, मुख्यमंत्री ने कोंडारेड्डीपल्ली को एक शक्तिशाली भूमि बताया, जिसने एक साधारण व्यक्ति से मुख्यमंत्री बनने तक की उनकी यात्रा में उनके लिए प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण स्रोत के रूप में काम किया।
उन्होंने पोस्ट में लिखा, “कोंडारेड्डीपल्ली में अपने परिवार के साथ दशहरा का शुभ त्योहार मना रहा हूं। कोंडारेड्डीपल्ली के भगवान अंजनेय स्वामी से प्रार्थना करता हूं कि वे सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और राज्य के लोगों की समृद्धि और खुशहाली सुनिश्चित करें। जन्मभूमि पर दशहरा का त्योहार मनाना मेरे लिए अपार आनंद का अनुभव है।”
--आईएएनएस
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