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भाजपा ने तेलंगाना विधानसभा के मानसून सत्र को कांग्रेस और बीआरएस का ड्रामा बताया

भाजपा ने तेलंगाना विधानसभा के मानसून सत्र को कांग्रेस और बीआरएस का ड्रामा बताया
भाजपा ने तेलंगाना विधानसभा के मानसून सत्र को कांग्रेस और बीआरएस का ड्रामा बताया

हैदराबाद, 13 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना विधानसभा में भाजपा के फ्लोर लीडर एलेटी महेश्वर रेड्डी ने रविवार को कहा कि विधानसभा का मानसून सत्र कोई असली विधायी कार्यवाही नहीं थी, बल्कि कांग्रेस और बीआरएस पार्टियों द्वारा रचा गया एक नाटक था।

शनिवार को खत्म हुए सत्र पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों ने पिछले पांच दिनों में विधानसभा सत्र के कामकाज को बारीकी से देखा।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब भाजपा जनता से जुड़े मुद्दे उठाती है, तो कांग्रेस सरकार उसे चुप कराने की हर मुमकिन कोशिश करती है।

उन्होंने मंत्रियों की आलोचना करते हुए कहा कि वे विधानसभा को गुमराह करते हैं और जब भी बीजेपी भ्रष्टाचार और जमीन से जुड़ी गड़बड़ियों के खिलाफ जिम्मेदारी से आवाज उठाती है, तो वे माइक बंद कर देते हैं।

महेश्वर रेड्डी ने बीआरएस और कांग्रेस पार्टियों का मजाक उड़ाया कि वे मिलीभगत करके पहले तीन दिनों तक एक-दूसरे पर छींटाकशी करते रहे और सदन का समय बर्बाद किया।

उन्होंने रेवेन्यू मिनिस्टर पोंगूलेटी श्रीनिवास रेड्डी का मजाक उड़ाया कि उन्होंने आखिरी दिन '22ए' प्रतिबंधित सूची के मुद्दे पर चार घंटे तक 'बिना किसी स्पष्टता के' बात की, जबकि 50 लाख किसानों और गरीबों की समस्याओं को हल करने के बारे में कोई साफ बात नहीं कही।

उन्होंने मंत्री के इस दावे को उनकी समझ की कमी का सबूत बताया कि '22ए' सेक्शन अदालतों ने तय किए थे; उन्होंने साफ़ किया कि कानून विधायिका बनाती है और सरकार जीओ (सरकारी आदेश) जारी करती है, अदालतें नहीं।

महेश्वर रेड्डी ने मीडिया के सामने वीडियो फुटेज पेश किया जिसमें मंत्री विधानसभा में यह मानते हुए दिख रहे थे कि पिछली बीआरएस सरकार के कार्यकाल में धरणी पोर्टल की गड़बड़ियों की फोरेंसिक ऑडिट से चौंकाने वाले सच सामने आए हैं, जिसमें 13,000 ट्रांजैक्शन के जरिए लगभग 23 लाख एकड़ जमीन का हस्तांतरण भी शामिल है। उन्होंने सवाल किया कि इतने बड़े घोटाले की जानकारी होने के बावजूद सरकार इन रजिस्ट्रेशन को रद्द क्यों नहीं कर रही है और जमीन वापस क्यों नहीं ले रही है।

उन्होंने बताया कि रजिस्ट्रेशन डॉक्यूमेंट मालिकाना हक का दस्तावेज़ (टाइटल डीड) नहीं होता और पूछा कि जब सरकार के पास धोखाधड़ी वाले रजिस्ट्रेशन रद्द करने का पूरा अधिकार है, तो वह कार्रवाई में देरी क्यों कर रही है।

उन्होंने पूछा कि कांग्रेस सरकार, जो बड़े पैमाने पर लूट का आरोप लगाती है, उसने सत्ता में आने के महीनों बाद भी ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की; उन्होंने यह भी सवाल किया कि क्या नई बनी एसआईटी सिर्फ सौदेबाजी करने का एक तरीका है या सच में कोई जांच हो रही है। उन्होंने इस पूरे ज़मीन घोटाले की मौजूदा जज से न्यायिक जांच की मांग की।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि अभी एक नई योजना चल रही है जिसके तहत हैदराबाद के आस-पास हज़ारों एकड़ 'असाइन की गई जमीन' (सरकारी जमीन जो गरीबों को दी गई थी) को 'फ्यूचर सिटी' या 'फोर्थ सिटी' के नाम पर सस्ते दाम में हथियाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने इस योजना की आलोचना करते हुए कहा कि वे गरीब आवंटियों से पहले ही बॉन्ड पेपर और नोटरी वाले एग्रीमेंट ले रहे हैं, ताकि बाद में फ्रीहोल्ड अधिकार देने वाले कानून लाकर लाखों-करोड़ों की संपत्ति अपने नाम करवा सकें।

कुतुबुल्लापुर इलाके में आईडीपीएल की 333 एकड़ की कीमती जमीन निजी कंपनियों को सौंपे जाने का जिक्र करते हुए, उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार लगभग 33,000 करोड़ रुपए की कीमत वाली इन जमीनों को वापस क्यों नहीं ले रही है।

--आईएएनएस

एससीएच

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