तेलंगाना सचिवालय के बाहर प्रदर्शन के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रामचंदर राव हिरासत में लिए गए
हैदराबाद, 3 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना में लंबित छात्र फीस प्रतिपूर्ति (फी रिइम्बर्समेंट) राशि जारी करने की मांग को लेकर राज्य सचिवालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रामचंदर राव और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को गुरुवार को हैदराबाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को ज्ञापन सौंपने के लिए सचिवालय में प्रवेश की अनुमति मांगी थी। उनका कहना था कि राज्य सरकार छात्रों की लंबित फीस प्रतिपूर्ति राशि जल्द जारी करे।
हालांकि, पुलिस ने सचिवालय के मुख्य द्वार पर भाजपा नेताओं और भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएम) के कार्यकर्ताओं को रोक दिया। नेताओं ने मुख्यमंत्री से मिलने और सचिवालय परिसर में प्रवेश करने की मांग की, लेकिन सुरक्षा कर्मियों ने इसकी अनुमति नहीं दी।
प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने बंद गेट पर चढ़ने की कोशिश की, जिससे सुरक्षा कर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद पुलिस ने रामचंदर राव, भाजपा विधायक दल के नेता एलेटी महेश्वर रेड्डी, सांसद डी.के. अरुणा समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया।
रामचंदर राव को चिक्कडपल्ली पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जबकि डी.के. अरुणा को गांधी नगर पुलिस स्टेशन भेजा गया।
हिरासत में लिए जाने के बाद रामचंदर राव ने कहा कि लंबित फीस प्रतिपूर्ति की पूरी राशि जारी होने तक भाजपा का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने "40 लाख छात्रों की आवाज को गिरफ्तार कर लिया है" और छात्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
एक अन्य पोस्ट में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि फीस प्रतिपूर्ति की करीब 15,000 करोड़ रुपये की लंबित राशि जारी नहीं होने से राज्य के लगभग 40 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वह पहले भूख हड़ताल कर चुके हैं, मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुके हैं और छात्रों से आठ लाख हस्ताक्षर भी एकत्र किए हैं।
रामचंदर राव के मुताबिक, उन्होंने 31 अगस्त को मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए पत्र लिखकर समय मांगा था ताकि छात्रों की ओर से ज्ञापन सौंपा जा सके। लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर वह अन्य भाजपा नेताओं के साथ सचिवालय पहुंचे और प्रवेश नहीं मिलने पर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
--आईएएनएस
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