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मणिपुर में 17 वर्षीय किशोर की गोली मारकर हत्या, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने जताया दुख

मणिपुर में 17 वर्षीय किशोर की गोली मारकर हत्या, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने जताया दुख
मणिपुर में 17 वर्षीय किशोर की गोली मारकर हत्या, मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने जताया दुख

इंफाल, 21 सितंबर (आईएएनएस)। मणिपुर के तामेंगलोंग जिले में सोमवार को संदिग्ध उग्रवादियों ने 17 वर्षीय एक किशोर की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान एन.के. विपेनबौ के रूप में हुई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विपेनबौ, जो नागा समुदाय से था, अपर तकौ (नकौ) गांव से तामेई कस्बे की ओर अकेले पैदल जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में संदिग्ध उग्रवादियों ने उस पर हमला कर दिया। बाद में नागा गांव के स्वयंसेवकों को पहाड़ी रास्ते पर उसका शव मिला।

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि एक निर्दोष छात्र की इस तरह हत्या का समाज में कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक्स पर जारी बयान में कहा कि मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से उन्हें इस दुख की घड़ी में शक्ति देने की प्रार्थना की।

पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने भी एक्स पर दुख जताते हुए कहा, “आज 17 वर्षीय एन.के. विपेनबौ की जान गई है, अगला कौन होगा?” उन्होंने कहा कि आवश्यक सामान खरीदने जा रहे इस छात्र की हत्या बेहद पीड़ादायक है और मणिपुर निर्दोष लोगों की जान गंवाने का सिलसिला अब और नहीं झेल सकता। उन्होंने दोषियों के खिलाफ तत्काल और निर्णायक कार्रवाई की मांग की।

उपमुख्यमंत्री नेमचा किपगेन और नागा पीपुल्स फ्रंट के विधायक आवांगबौ न्यूमै ने भी इस हत्या की निंदा करते हुए इसे निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने वाला कायरतापूर्ण और जघन्य आतंकी कृत्य बताया।

उपमुख्यमंत्री ने लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार दोषियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

पुलिस के मुताबिक, इस वर्ष फरवरी से नागा और कुकी समुदायों के बीच शुरू हुई हिंसा में अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले एक महीने में जिरीबाम, तामेंगलोंग, कांगपोकपी और नोने जिलों में हुई हिंसक घटनाओं में छह महिलाओं सहित 12 लोगों की जान गई है। कांगपोकपी, तामेंगलोंग, नोने, उखरूल और कामजोंग जिले हिंसा से सबसे अधिक प्रभावित रहे हैं।

--आईएएनएस

डीएससी

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