तमिलनाडु 1 अक्टूबर को नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना पोर्टल लॉन्च करेगा
चेन्नई, 29 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड (टीएनजीईसीएल) 1 अक्टूबर को नई सौर, पवन और हाइब्रिड ऊर्जा परियोजना के लिए आवेदन लेने के मकसद से एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू करने की योजना बना रहा है। राज्य लगातार हो रही बिजली कटौती के बीच रिन्यूएबल एनर्जी के उत्पादन को बढ़ाना चाहता है।
कॉरपोरेशन ने सोमवार को एक ऑनलाइन मीटिंग में रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपर्स और निवेशकों के साथ प्रस्तावित प्रक्रिया पर चर्चा की और उनसे सुझाव मांगे। अधिकारियों ने बताया कि अवेदन प्रक्रिया में दस चरण होंगे और इसमें ग्रिड कनेक्टिविटी के लिए अनुरोध भी शामिल होंगे।
टीएनजीईसीएल के एक अधिकारी के अनुसार, आवेदकों को सबसे पहले प्रोजेक्ट की बेसिक जानकारी देनी होगी और आवेदन फीस व सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना होगा।
सुपरिटेंडिंग इंजीनियर (सोलर) 10 दिनों के भीतर प्रस्ताव की जांच करेंगे। डेवलपर्स को स्पष्टीकरण के किसी भी अनुरोध का जवाब 30 दिनों के भीतर देना होगा।
प्रस्ताव स्वीकार होने के बाद एक फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसके बाद आवेदकों को जमीन से जुड़े दस्तावेज जमा करने के लिए छह महीने का समय मिलेगा। अधिकारी ने बताया कि जरूरी मंजूरी मिलने और कनेक्टिविटी प्रोसेस पूरा होने के बाद निर्माण कार्य शुरू हो सकता है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टीएनजीईसीएल का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष के अंत तक बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के साथ कम से कम 1,500 एमडब्ल्यू सोलर क्षमता जोड़ना है।
स्टोरेज सिस्टम का मकसद सोलर पावर के उत्पादन में होने वाले उतार-चढ़ाव को मैनेज करने और अधिक मांग वाले समय में बिजली की उपलब्धता को बेहतर बनाने में मदद करना है।
रिन्यूएबल एनर्जी प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के के. वेंकटाचलम ने कहा कि यह पोर्टल विंड, सोलर और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स (जिनमें बैटरी स्टोरेज भी शामिल है) के लिए प्रस्ताव जमा करने की प्रक्रिया को औपचारिक रूप देगा। हालांकि, उन्होंने डेवलपर्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले फॉर्म के बारे में स्पष्टता की मांग की।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन ने पहले ही राज्य के भीतर ट्रांसमिशन सिस्टम से कनेक्टिविटी के लिए आवेदन करने की विस्तृत प्रक्रिया और तय फॉर्मेट जारी कर दिए हैं।
टीएनजीईसीएल ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह उन्हीं फॉर्मेट का इस्तेमाल करेगा या नए फार्मेट लाएगा।
वेंकटाचलम ने प्रस्तावित प्रक्रिया में बताए गए कुछ डॉक्युमेंट्स पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय से एनवायरनमेंटल इम्पैक्ट असेसमेंट (पर्यावरण पर असर का आकलन) की मंजूरी और तमिलनाडु पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड से सहमति आदेश को अनिवार्य बताया गया है जबकि रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स को इन जरूरतों से छूट मिली हुई है।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में कमीशनिंग से पहले सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी से एक यूनिक आईडी की भी जरूरत पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि ऐसी आईडी प्रोजेक्ट के कमीशन होने के बाद ही मिल सकती है, इसलिए आवेदन के चरण पर इसे देना नामुमकिन है।
टीएनजीईसीएल ने इंडस्ट्री से राय मांगी है, लेकिन यह नहीं बताया है कि पोर्टल खुलने से पहले वह विवादित जरूरतों में कोई बदलाव करेगा या नहीं।
--आईएएनएस
ओपी/पीएम

