चेन्नई में सीएम विजय जैसे दिखने वाली विनायक मूर्ति पर विवाद, भाजपा ने हटाने की मांग की
चेन्नई, 15 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु में विनायक चतुर्थी के जश्न के बीच एक मूर्ति को लेकर सियासी विवाद छिड़ गया है। चेन्नई के कोरुक्कुपेट में स्थापित एक विनायक मूर्ति पर भाजपा ने आपत्ति जताई है। भाजपा का आरोप है कि यह मूर्ति मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय जैसी दिखती है।
तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने मंगलवार को एक बयान जारी कर इस मूर्ति को तुरंत हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह की मूर्ति से भक्तों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
नैनार नागेंद्रन ने कहा कि विनायक चतुर्थी समारोह के लिए यह मूर्ति लगाई गई थी, जिसमें देवता को मुख्यमंत्री जैसे फीचर्स के साथ दिखाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि धार्मिक त्योहार का इस्तेमाल किसी व्यक्ति को बढ़ावा देने और राजनीतिक संदेश देने के लिए किया जा रहा है।
भाजपा नेता ने कहा कि विनायक को देश भर में करोड़ों लोग पूजते हैं और देवता की छवि को किसी नेता के प्रचार या महिमामंडन के लिए नहीं बदलना चाहिए। इस तरह की प्रस्तुति धार्मिक पूजा की पवित्रता को कम करती है और भक्तों को दुख पहुंचाती है।
नैनार नागेंद्रन ने पुलिस और राज्य सरकार से इस मूर्ति को डिजाइन करने, स्थापित करने और प्रदर्शित करने के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने की मांग की। उन्होंने मांग की कि उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाए और धार्मिक भावनाओं को और ठेस पहुंचने से रोकने के लिए मूर्ति को बिना देरी के हटाया जाए।
उन्होंने सीएम विजय की भी आलोचना की कि उन्होंने मामला सामने आने के तुरंत बाद इसकी निंदा नहीं की। उनके अनुसार, सरकार की जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करें कि धार्मिक त्योहार स्थापित परंपराओं की रक्षा करते हुए और उपासकों की मान्यताओं का सम्मान करते हुए मनाए जाएं।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और उनके समर्थकों को देवताओं को समकालीन राजनीतिक हस्तियों से जोड़ने से बचना चाहिए। पूर्व मंत्री ने चेतावनी दी कि ऐसी प्रदर्शनी की अनुमति देने से एक अस्वस्थ मिसाल कायम हो सकती है और धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़ी पवित्रता कमजोर हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि वे इसमें शामिल लोगों की राजनीतिक संबद्धता को देखे बिना निष्पक्ष रूप से कार्रवाई करें।
इस विवाद ने तमिलनाडु में सार्वजनिक त्योहारों के दौरान राजनीतिक छवि के इस्तेमाल पर फिर से ध्यान खींचा है, जहां स्थानीय समूहों द्वारा बड़ी विनायक मूर्तियां स्थापित की जाती हैं और विसर्जन से पहले जुलूस निकाला जाता है। भाजपा की इस मांग से पार्टी और सत्तारूढ़ टीवीके के बीच राजनीतिक बहस शुरू होने की संभावना है। सरकार और टीवीके ने अभी तक नागेंद्रन के आरोपों पर कोई जवाब नहीं दिया है।
--आईएएनएस
वीकेयू/पीएम

