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ईरान पर हमला टलने के बाद बोले शिया नेता, '40 दिन बाद हुई हक की जीत, झुके अमेरिका और इजरायल'

लखनऊ, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को दो सप्ताह के लिए टालने की घोषणा और तेहरान द्वारा सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के संकेत दिए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद जागी है। इस बीच, शिया नेताओं ने बुधवार को दावा किया कि अमेरिका और इजरायल जैसी वैश्विक शक्तियों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा है।
ईरान पर हमला टलने के बाद बोले शिया नेता, '40 दिन बाद हुई हक की जीत, झुके अमेरिका और इजरायल'

लखनऊ, 8 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर प्रस्तावित सैन्य हमलों को दो सप्ताह के लिए टालने की घोषणा और तेहरान द्वारा सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के संकेत दिए जाने के बाद क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद जागी है। इस बीच, शिया नेताओं ने बुधवार को दावा किया कि अमेरिका और इजरायल जैसी वैश्विक शक्तियों को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा है।

ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "आज 40 दिनों के बाद हक की जीत हुई है। इतिहास देखें तो ऐसे कई मौके आए हैं जब इस्लाम पर हमले हुए, फिर भी वह विजयी हुआ। अभी भी ईरान विजयी हुआ है।"

उन्होंने आगे कहा, "ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण स्थापित कर एक रेखा खींच दी है, जिससे पूरी दुनिया का ध्यान उसकी ओर आकर्षित हुआ है। आज अमेरिका और इज़राइल जैसी महाशक्तियों को झुकना पड़ा है। कल ही डोनाल्ड ट्रंप कह रहे थे कि ईरान की सभ्यता नष्ट हो जाएगी, लेकिन 24 घंटे के भीतर ही युद्धविराम की घोषणा हो गई। मैं इस घटनाक्रम पर सभी मुसलमानों और शिया समुदाय के सदस्यों को बधाई देता हूं।"

शिया मरकजी चांद कमेटी के अध्यक्ष सैयद सैफ अब्बास नकवी ने भी ईरान के लोगों की सराहना की।

उन्होंने कहा, "हम ईरान के बहादुर लोगों को बधाई देते हैं। जब ट्रंप ने देश को तबाह करने की धमकी दी, तो लोग पुलों और बिजली स्टेशनों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की रक्षा के लिए सड़कों पर उतर आए।"

उन्होंने आगे कहा, "वे दृढ़ रहे, यह दिखाते हुए कि वे मृत्यु से नहीं डरते और विजयी होंगे। जैसा कि मैंने पहले कहा है, इज़रायल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने आक्रमण की शुरुआत की, लेकिन ईरान पीछे नहीं हटा। अंततः, ट्रंप को पीछे हटने के लिए विवश होना पड़ा।"

इस बीच, इजरायल ने भी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई को निलंबित करने के अमेरिकी फैसले के प्रति समर्थन व्यक्त किया, साथ ही यह स्पष्ट किया कि प्रस्तावित दो सप्ताह का युद्धविराम समझौता लेबनान पर लागू नहीं होता है।

इससे पहले दिन में, ईरान ने संकेत दिया कि वह अपने खिलाफ हमलों को रोकने की शर्त पर अपनी सैन्य प्रतिक्रिया को रोकने के लिए तैयार है, साथ ही उसने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को दो सप्ताह की अवधि के लिए अस्थायी रूप से खोलने की घोषणा भी की।

एक बयान में, ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब वर्तमान में युद्धविराम वार्ता चल रही है, जो मौजूदा तनाव में संभावित कमी का संकेत देता है।

--आईएएनएस

एसएके/एएस

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