अगले 10 साल में एयरटेल की बागडोर अगली पीढ़ी को सौंपना चाहता हूं: सुनील भारती मित्तल
नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। एयरटेल के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर सुनील भारती मित्तल ने गुरुवार को कहा कि वह अगले 10 वर्षों में टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल की बागडोर अगली पीढ़ी को सौंपने की योजना बना रहे हैं।
कंपनी की कॉन्फ्रेंस कॉल के दौरान मित्तल ने कहा, "मैं अगले 10 साल में कंपनी की जिम्मेदारी नई पीढ़ी को सौंपना चाहता हूं।"
बुधवार को उन्हें 1 अक्टूबर 2026 से अगले पांच वर्षों के लिए फिर से भारती एयरटेल का चेयरमैन नियुक्त किया गया। कंपनी के बोर्ड ने निसाबा गोदरेज को भी दूसरी बार पांच साल के लिए स्वतंत्र निदेशक के रूप में दोबारा नियुक्त करने को मंजूरी दी है, जो इस साल 4 अगस्त से प्रभावी होगा।
एयरटेल के सीएमडी ने कहा कि वह कंपनी के चौथी तिमाही (क्यू4) के वित्तीय नतीजों से खुश नहीं हैं और अब उनका फोकस कंपनी का एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (एआरपीयू) बढ़ाने पर रहेगा।
भारत में एयरटेल के मोबाइल सर्विसेज क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कुल राजस्व में 28,831 करोड़ रुपए का योगदान दिया, जो जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान 8.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। कंपनी ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि यह बढ़ोतरी ग्राहक आधार में इजाफे और एआरपीयू में करीब 5 प्रतिशत की वृद्धि की वजह से हुई, जिसमें पहले के 245 रुपए से बढ़कर 257 रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है।
भारती एयरटेल का समेकित शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2026 की मार्च तिमाही में 33.5 प्रतिशत घटकर 7,325 करोड़ रुपए रह गया, जिसका मुख्य कारण वैधानिक और टैक्स देनदारियों से जुड़े एकमुश्त प्रावधान रहे।
हालांकि, कंपनी का सालाना राजस्व पहली बार 2 लाख करोड़ रुपए के आंकड़े को पार कर गया।
वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में एयरटेल का ऑपरेशंस से समेकित राजस्व 15.6 प्रतिशत बढ़कर 55,383.2 करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 47,876.2 करोड़ रुपए था। कंपनी ने बताया कि इसमें अफ्रीका बिजनेस की 40 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि का बड़ा योगदान रहा।
कंपनी के जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजे आने के एक दिन बाद गुरुवार को भारती एयरटेल के शेयरों में 3 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी देखी गई।
हालांकि कंपनी का शुद्ध लाभ बाजार की उम्मीदों से कम रहा, लेकिन निवेशक कंपनी की मजबूत बुनियाद को लेकर सकारात्मक बने हुए हैं। मार्च 2026 में एयरटेल ने अपने बढ़ते कारोबार के साथ 65 करोड़ ग्राहकों का आंकड़ा भी पार कर लिया।
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