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संत नीम करोली बाबा की भूमिका निभाने पर बोले सुबोध भावे , 'एक्टर नहीं, बल्कि खुद किरदार चुनता है कलाकार'

मुंबई, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। संतों और आध्यात्मिक व्यक्तित्वों पर बनने वाली फिल्मों में कहानी सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उसमें आस्था, जीवन के मूल्य और मानसिक शांति का संदेश भी जुड़ा होता है। इसी तरह की एक फिल्म 'श्री बाबा नीम करोली महाराज' को लेकर इन दिनों चर्चा तेज है, जिसमें अभिनेता सुबोध भावे मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। यह फिल्म उत्तर भारत के प्रसिद्ध संत नीम करोली बाबा के जीवन और उनके संदेशों पर आधारित है।
संत नीम करोली बाबा की भूमिका निभाने पर बोले सुबोध भावे , 'एक्टर नहीं, बल्कि खुद किरदार चुनता है कलाकार'

मुंबई, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। संतों और आध्यात्मिक व्यक्तित्वों पर बनने वाली फिल्मों में कहानी सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि उसमें आस्था, जीवन के मूल्य और मानसिक शांति का संदेश भी जुड़ा होता है। इसी तरह की एक फिल्म 'श्री बाबा नीम करोली महाराज' को लेकर इन दिनों चर्चा तेज है, जिसमें अभिनेता सुबोध भावे मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। यह फिल्म उत्तर भारत के प्रसिद्ध संत नीम करोली बाबा के जीवन और उनके संदेशों पर आधारित है।

फिल्म के जरिए उनके विचारों, उनके जीवन के अनुभवों और उनकी आध्यात्मिक शिक्षाओं को बड़े पर्दे पर दिखाने की कोशिश की जा रही है। इस फिल्म को लेकर अभिनेता ने अपने अनुभव को विस्तार से साझा किया।

सुबोध भावे ने कहा, ''इस फिल्म की तैयारी काफी लंबे समय से चल रही है। निर्देशक शरद सिंह ठाकुर इस प्रोजेक्ट पर पिछले कई सालों से काम कर रहे थे। उन्होंने कई बार इस फिल्म को बनाने की कोशिश की, लेकिन सही टीम और अन्य समस्या के कारण यह प्रोजेक्ट रुक जाता था। जनवरी 2025 में मेरे एक राइटर दोस्त ने मुझे इस प्रोजेक्ट के बारे में बताया और फिर मैं निर्देशक से मिला।''

उन्होंने आगे कहा, ''जब हमारी मुलाकात हुई, तो निर्देशक ने मुझे अपनी पूरी सोच और फिल्म का विजन समझाया। उन्होंने बताया कि वह बाबा नीम करोली के जीवन पर एक फिल्म बनाना चाहते हैं और इस किरदार के लिए वह मुझे सही मानते हैं। उस समय मुझको बाबा के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। मैंने सिर्फ उनकी तस्वीर देखी थी और नाम के बारे में सुना था। लेकिन जब मैंने निर्देशक से विस्तार से बातें सुनीं और रिसर्च समझी, तो धीरे-धीरे इस विषय से जुड़ता चला गया।''

सुबोध भावे ने कहा, ''संतों पर बनने वाली फिल्मों में मेरा अनुभव थोड़ा अलग होता है। ऐसे किरदार सिर्फ अभिनय का हिस्सा नहीं होते, बल्कि उनमें एक गहरी भावना और आध्यात्मिक जुड़ाव भी होता है। जब संतों पर फिल्म बनती है, तो ऐसा लगता है कि किरदार खुद अभिनेता को चुनता है। इस फिल्म में भी मुझे ऐसा ही महसूस हुआ कि बाबा नीम करोली ने ही मुझे इस भूमिका के लिए चुना है।''

फिल्म का निर्देशन शरद सिंह ठाकुर कर रहे हैं। उन्होंने इस फिल्म के लिए गहरी रिसर्च की है। सुबोध भावे ने बताया कि निर्देशक ने बाबा से जुड़े लोगों से मुलाकात की, उनके साथ रहने वाले लोगों से बात की और यहां तक कि उनके परिवार के अनुभव भी समझे। उन्होंने कई सालों तक बाबा के जीवन को करीब से जानने की कोशिश की, ताकि फिल्म में सच्चाई और गहराई दोनों दिखाई दे सके।

अभिनेता ने कहा, ''आम तौर पर एक कलाकार को अपने अभिनय पर बहुत मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन इस फिल्म में अनुभव कुछ अलग था। यहां मुझे ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ी, बल्कि सिर्फ निर्देशक की बातों को समझकर उन्हें अपनाना था। इस फिल्म में काम करना एक तरह की भक्ति जैसा अनुभव था।''

उन्होंने आगे कहा, ''इस पूरी फिल्म में जो भी अच्छा काम हुआ है, वह बाबा की कृपा से हुआ है। अगर दर्शकों को मेरा अभिनय पसंद आता है, तो मैं इसे बाबा का आशीर्वाद मानता हूं, और अगर कहीं कोई कमी रह जाती है, तो मैं अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी मानता हूं।''

इस फिल्म में हितेन तेजवानी, समीक्षा भटनागर, मोहित गुप्ता, हेमंत पांडे, आरती नागपाल, वर्षा मानिकचंद, हरदीप कौर, अनिरुद्ध दवे और गरिमा अग्रवाल जैसे कई कलाकार भी नजर आएंगे। फिल्म को बलराम गर्ग, बलवीर सिंह, शरद सिंह ठाकुर, खड्ग सिंह गौड़ और नीलम सिंह प्रोड्यूस कर रहे है। यह फिल्म इसे पूरे भारत में रिलीज की जाएगी।

--आईएएनएस

पीके/पीएम

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