सत्ता में बैठे लोगों का 'लोकतंत्र बचाने' के लिए रैली निकालना अजीब विडंबनाः मनीष तिवारी
चंडीगढ़, 28 अक्टूबर (आईएएनएस)। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने बुधवार को भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा की आलोचना की। उन्होंने इसे एक 'अजीब विडंबना' बताया और कहा कि सत्ताधारी पार्टी रैली कर रही है, जबकि विपक्ष मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए विरोध-प्रदर्शन कर रहा है।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "यह एक अजीब विडंबना है। आमतौर पर विपक्ष सरकार के गलत कामों के खिलाफ विरोध करता है, लेकिन यहां विपक्ष मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए विरोध कर रहा है। यह भी अनोखी बात है कि सत्ता में बैठे लोग रैली कर रहे हैं। वे किस बात के लिए रैली कर रहे हैं? अगर आप संविधान को बचाना चाहते हैं, तो उन 13 करोड़ लोगों के मतदान के अधिकार बहाल करें, जिन्हें इनसे वंचित रखा गया है। ऐसा करने से संविधान की रक्षा हो जाएगी।"
यह बयान ऐसे समय में आया है जब बुधवार को दिल्ली के चांदनी चौक में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' नाम से एक पैदल मार्च निकाला जाना है। यह मार्च पार्टी के जनसंपर्क अभियान का हिस्सा है, जो मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (एसआईआर) को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच आयोजित किया जा रहा है।
इस मार्च में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, सांसदों और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के भी शामिल होने की उम्मीद है। भाजपा का यह राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क अभियान, 1 नवंबर को दिल्ली में 'इंडिया' ब्लॉक की प्रस्तावित रैली से पहले काफी अहम माना जा रहा है। विपक्षी गठबंधन ने मतदाता सूची के चल रहे एसआईआर में कथित अनियमितताओं के खिलाफ रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली करने की घोषणा की है।
कांग्रेस नेता तिवारी ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य दशकों से नार्को-टेररिज्म (नशीले पदार्थों से जुड़े आतंकवाद) की चुनौती का सामना कर रहा है।
उन्होंने कहा, "मैंने हमेशा यही कहा है और इस बारे में लिखा भी है कि पंजाब 1995 से ही नार्को-टेररिज्म के दौर से गुजर रहा है, जिस तरह 1980 से 1995 के बीच आतंकवाद का मुकाबला करके उसे खत्म किया गया था, उसी तरह आने वाली पीढ़ियों को बचाने के लिए पंजाब को एकजुट होकर नार्को-टेररिज्म, यानी नशीले पदार्थों से प्रेरित आतंकवाद के खिलाफ लड़ना होगा।"
इस बीच, बुधवार को पंजाब सरकार ने अबोहर में 'जाखड़ ट्रस्ट' द्वारा आयोजित की जाने वाली सातवीं वार्षिक नशा-विरोधी मैराथन के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया। सरकार ने इसके पीछे राज्य की मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति का हवाला दिया।
भाजपा नेता सुनील जाखड़ के परिवार द्वारा संचालित यह ट्रस्ट पिछले सात वर्षों से 'नशों से दूर, खेलों की ओर' नारे के तहत इस कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। इस पहल का मकसद नशीले पदार्थों के सेवन के विकल्प के तौर पर खेलों को बढ़ावा देना है।
--आईएएनएस
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