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स्टिंग ऑपरेशन मामले में संदेह हुआ तो कुमारस्वामी को भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा : प्रियांक खड़गे

स्टिंग ऑपरेशन मामले में संदेह हुआ तो कुमारस्वामी को भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा : प्रियांक खड़गे
स्टिंग ऑपरेशन मामले में संदेह हुआ तो कुमारस्वामी को भी पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा : प्रियांक खड़गे

बेंगलुरु, 15 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने गुरुवार को कहा कि स्टिंग ऑपरेशन मामले में अगर केंद्रीय मंत्री और जेडी(एस) के प्रदेश अध्यक्ष एचडी कुमारस्वामी के खिलाफ कोई संदेह पैदा होता है, तो उन्हें भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जांच तय प्रक्रियाओं के अनुसार होगी, न कि नेताओं की मांगों के आधार पर।

खड़गे ने पुलिस शक्तियों के दुरुपयोग और खुद को तथा जेडी(एस) कार्यकर्ताओं को इस मामले में फंसाने की साजिश के कुमारस्वामी के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि जांच के दौरान जिन लोगों के नाम सामने आएंगे, जरूरत पड़ने पर उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।

उन्होंने पूछा, “चूंकि हमें एक शिकायत मिली है, इसलिए जिन लोगों पर शक है, उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। इसमें आप या कोई और भी हो सकता है। अगर कुमारस्वामी पर शक होता है, तो उन्हें भी जांच के लिए बुलाया जाएगा। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। क्या हमें कुमारस्वामी की मर्जी के हिसाब से जांच करनी चाहिए?”

प्रियांक खड़गे ने कहा कि पुलिस तय नियमों के अनुसार काम कर रही है और कुमारस्वामी यह तय नहीं कर सकते कि जांच किस तरह से आगे बढ़नी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कुमारस्वामी ऐसे बयान दे रहे हैं जिनमें वे दावा कर रहे हैं कि उन्हें मामले के अलग-अलग पहलुओं के बारे में जानकारी है। उन्होंने कुमारस्वामी से अपील की कि अगर उनके पास कोई सबूत है, तो वे उसे जांच एजेंसियों के साथ साझा करें।

खड़गे ने कहा, “वे रोज ऐसे बयान देते हैं जिनमें दावा किया जाता है कि उनके पास कई मामलों की जानकारी है। चूंकि जांच चल रही है, इसलिए उन्हें वह जानकारी साझा करनी चाहिए। वे जो भी सबूत देंगे, हम उसे लेने के लिए तैयार हैं। लेकिन अगर वे जिद करें कि जांच किसी खास तरीके से ही होनी चाहिए, तो ऐसा मुमकिन नहीं है।”

पूछताछ के लिए लोगों को बुलाने पर कुमारस्वामी द्वारा पुलिस की आलोचना किए जाने पर सवाल उठाते हुए गृह मंत्री ने कहा कि अधिकारी एक शिकायत पर कार्रवाई कर रहे हैं और जांच के दौरान कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं।

उन्होंने कहा, “क्या यह कोई शादी है जिसके लिए हमें निमंत्रण भेजना पड़े? एक शिकायत मिली है, कुछ नाम सामने आए हैं और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है।”

खड़गे ने कहा कि कुमारस्वामी जांच अधिकारियों या अदालत के सामने अपना बयान देने और कोई भी जरूरी जानकारी पेश करने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार सार्वजनिक बयान देने के बजाय उन्हें जांच में सहयोग करना चाहिए।

गृह मंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि क्या कुमारस्वामी, जो दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं, उन्हें यह नहीं पता कि जांच और प्रशासन कैसे काम करते हैं?

कुमारस्वामी के निजी हमलों और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार तथा खड़गे को दी गई चुनौती कि 'वे उन्हें गिरफ्तार करके दिखाएं' पर प्रतिक्रिया देते हुए गृह मंत्री ने कहा कि गिरफ्तारी तभी की जा सकती है जब उसके लिए पर्याप्त आधार और सबूत हों।

खड़गे ने कहा, "हम किसी को कैसे गिरफ्तार कर सकते हैं? अगर हमारे पास आधार और सबूत हैं, तभी हम गिरफ्तारी कर सकते हैं। मुझे उनसे यह सीखने की जरूरत नहीं है कि जांच कैसे की जाती है।"

उन्होंने कुमारस्वामी पर बार-बार बयान देकर अपनी ही छवि खराब करने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार उनकी भाषा या धमकियों से डरने वाली नहीं है।

उन्होंने पूछा, “हम सम्मानपूर्वक बात करते रहे हैं। मैं पिछले कुछ दिनों से यही कह रहा हूं कि वह अपनी ही छवि खराब कर रहे हैं। क्या आपको लगता है कि कोई मेरे साथ बदतमीजी से पेश आएगा तो मैं डर जाऊंगा? आरएसएस मुझे नहीं डरा पाया तो फिर मैं आपसे क्यों डरूंगा?”

खड़गे ने कहा कि सरकार ने कुमारस्वामी से बार-बार कहा है कि वे व्यक्तिगत नेताओं पर आरोप लगाने के बजाय, अपने दावों को साबित करने के लिए सबूत दें।

उन्होंने पूछा, “अगर आपके पास कोई जानकारी है, तो उसे सामने रखें। हमें बताएं कि यह किसने किया और कैसे किया। कुछ जानकारी धीरे-धीरे सामने आ रही है। आप ही लोग तो जांच की मांग कर रहे थे। अब जब जांच चल रही है, तो क्या आप इसे दबाने की कोशिश कर रहे हैं?”

उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस अपनी जांच को किसी राजनीतिक नेता द्वारा सुझाए गए लोगों की सूची तक सीमित नहीं रख सकती। उन्होंने आगे कहा कि जांच के दौरान जिसका भी नाम सामने आएगा, जरूरत पड़ने पर उससे पूछताछ की जा सकती है।

यह सवाल उठाते हुए कि कुमारस्वामी को पुलिस की गतिविधियों के बारे में जानकारी कैसे मिली, खड़गे ने पूछा कि क्या वह पुलिस कमिश्नर के दफ्तर के बाहर या फिर जांच अधिकारी के दफ्तर या घर के बाहर नजर रखे हुए थे?

गृह मंत्री ने कहा कि कुमारस्वामी के पद और उम्र का सम्मान करते हुए सरकार ने संयम बरता है, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जेडी (एस) नेता ने निजी हमले जारी रखे, तो वे भी जवाब देंगे।

खड़गे ने कहा, "हमने उनके पद और उम्र का सम्मान करते हुए अब तक बहुत कुछ बर्दाश्त किया है। अगर मैं बोलना शुरू कर दूं, तो हो सकता है कि उन्हें एक और ओपन-हार्ट सर्जरी करानी पड़ जाए। उनके लिए यही बेहतर होगा कि वे सोच-समझकर बोलें।"

उन्होंने राजनीतिक नेताओं से अपनी मर्यादा में रहने की अपील की और चेतावनी दी कि अगर कुमारस्वामी ने निजी हमले जारी रखे, तो वे भी उसी भाषा में जवाब देंगे।

यह घटनाक्रम कर्नाटक में एक स्टिंग ऑपरेशन को लेकर बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच सामने आया है। कुमारस्वामी ने निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है और राज्य सरकार पर उन्हें फंसाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि जांच तय प्रक्रियाओं के अनुसार चल रही है और जिस किसी पर भी संदेह होगा, उससे पूछताछ की जा सकती है।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी

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