एक साल बाद भी नहीं मिटा हादसे का डर, अहमदाबाद में उस जगह से गुजरने से कतराते हैं लोग
अहमदाबाद, 12 जून (आईएएनएस)। अहमदाबाद में पिछले साल हुए विमान हादसे को एक साल हो गया है। इस हादसे में जो लोग बाल-बाल बचे थे, वे अब भी वहां से गुजरने से 'डरते' हैं।
इसके अलावा, ऊपर से गुजरने वाला हर विमान उस हादसे की याद दिलाता है जिसमें जमीन पर मौजूद 19 लोगों समेत कुल 260 लोगों की जान चली गई थी।
मेडिकल छात्र भागीरथ चावड़ा उन खुशकिस्मत लोगों में से एक थे जो कुछ ही मिनटों के अंतर से मौत से बच गए थे। उन्होंने आईएएनएस को बताया कि उस जगह का नजारा 'दुखद और डरावना' था।
उन्होंने कहा, "उस समय, मैंने मेस में खाना खत्म किया था और अपने हॉस्टल वापस जा रहा था। तभी एक धमाका हुआ, और हम सबने देखा कि क्या हुआ है।"
उन्होंने कहा, "वहां पहुंचने पर हमें पता चला कि एक प्लेन क्रैश हो गया है और वह दो हिस्सों में बंट गया है। उसका एक हिस्सा 'अतुल्यम' बिल्डिंग से टकराया था, और दूसरा हिस्सा हमारी मेस की छत पर गिरा था, जिससे चार छात्रों की मौत हो गई थी।"
अपने भयानक अनुभव को याद करते हुए चावड़ा ने कहा, "हम बिल्कुल सुन्न हो गए थे और समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। फिर भी, हमने हिम्मत जुटाई और फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने के लिए बिल्डिंग के अंदर गए। उनमें से कुछ घायल थे, और चार लोगों की मौत हो चुकी थी।"
उन्होंने कहा, "हमें उस दुखद घटना वाली जगह से गुजरने में भी अब डर लगता है। जब भी कोई विमान ऊपर से गुजरता है, तो हमें उस घटना की याद आ जाती है।"
इस बीच, पीड़ितों के परिवार वाले मेघानीनगर में क्रैश वाली जगह पर प्रार्थना करने, रस्में निभाने और हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठा हुए।
गुंजन चौधरी प्लेन क्रैश वाली जगह पर अपनी पत्नी को श्रद्धांजलि देने आए थे। उन्होंने याद किया कि जब यह हादसा हुआ तो वह उनसे मिलने लंदन जा रही थीं। उन्होंने बताया कि वह दो महीने की गर्भवती थीं और इस नुकसान ने उनके परिवार को गहरे दुख में डाल दिया था।
भावुक चौधरी ने कहा, "उन्होंने दोपहर 1:38 बजे फ्लाइट में चढ़ते समय मुझे फोन किया था और कहा था कि मैं सीधे अपने काम की जगह से (लंदन में) एयरपोर्ट पहुंच जाऊं।"
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की कि वे जल्द से जल्द जांच की अंतिम रिपोर्ट जारी करें, जिससे पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।
गौरतलब है कि सरकार ने शुक्रवार को कहा कि इस दुखद हादसे की गहन जांच चल रही है, और जांच की सभी गतिविधियों तथा जरूरी अंतरराष्ट्रीय समीक्षा और विचार-विमर्श की प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद अंतिम रिपोर्ट जारी की जाएगी।
पीड़ितों में से एक के भाई प्रताप सिंह ने सरकार से अपनी पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद की अपील करते हुए अपने परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति का जिक्र किया।
उन्होंने आईएएनएस को बताया, "मैं भी आगे की पढ़ाई करना चाहता हूं, लेकिन मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। मेरे पिता एक फैक्ट्री में काम करते हैं। सरकार से मेरी बस यही अपील है कि वे हमें मदद दें।"
--आईएएनएस
एएसएच/डीएससी

