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ट्रंप प्रशासन की एच-1बी वीजा फीस पर कोर्ट की रोक, राज्यों को मिली राहत

वॉशिंगटन, 10 जून (आईएएनएस)। अमेरिका के कई राज्यों के अटॉर्नी जनरल्स ने उस संघीय अदालत के फैसले का स्वागत किया है, जिसमें ट्रंप प्रशासन की ओर से नए एच-1बी वीजा आवेदन पर लगाए गए एक लाख डॉलर के शुल्क को रद्द कर दिया गया। उनका कहना है कि यह फैसला उन कंपनियों, विश्वविद्यालयों, अस्पतालों और शोध संस्थानों के लिए बड़ी राहत है जो कुशल विदेशी कर्मचारियों पर निर्भर रहते हैं।
ट्रंप प्रशासन की एच-1बी वीजा फीस पर कोर्ट की रोक, राज्यों को मिली राहत

वॉशिंगटन, 10 जून (आईएएनएस)। अमेरिका के कई राज्यों के अटॉर्नी जनरल्स ने उस संघीय अदालत के फैसले का स्वागत किया है, जिसमें ट्रंप प्रशासन की ओर से नए एच-1बी वीजा आवेदन पर लगाए गए एक लाख डॉलर के शुल्क को रद्द कर दिया गया। उनका कहना है कि यह फैसला उन कंपनियों, विश्वविद्यालयों, अस्पतालों और शोध संस्थानों के लिए बड़ी राहत है जो कुशल विदेशी कर्मचारियों पर निर्भर रहते हैं।

एक दिन पहले, मैसाचुसेट्स की अमेरिकी जिला अदालत ने अंतिम फैसला सुनाते हुए इस शुल्क को खत्म कर दिया। यह शुल्क 21 सितंबर 2025 के बाद दाखिल किए गए सभी नए एच-1बी वीजा आवेदनों पर लगाया गया था। कई राज्यों के गठबंधन ने इस नीति को अदालत में चुनौती दी थी। उनका कहना था कि कांग्रेस की मंजूरी के बिना प्रशासन को ऐसा शुल्क लगाने का अधिकार नहीं था।

वॉशिंगटन राज्य के अटॉर्नी जनरल निक ब्राउन ने कहा कि यह फैसला राज्य को विशेष कौशल वाले लोगों को आकर्षित करने में मदद करेगा।

उन्होंने कहा, “यह जीत हमारे राज्य को उन अत्यधिक विशेषज्ञता वाले शोध कार्यों में आगे बनाए रखने में मदद करेगी, जो दुनिया के सबसे गतिशील उद्योगों को आगे बढ़ाते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा, “अगर इस गैरकानूनी शुल्क को नहीं रोका जाता, तो इससे वॉशिंगटन की सरकारी एजेंसियों, सार्वजनिक विश्वविद्यालयों और कॉलेजों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता।”

ब्राउन के कार्यालय के अनुसार, वॉशिंगटन राज्य की 30 से अधिक सरकारी एजेंसियों, सार्वजनिक विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में लगभग 500 एच-1बी वीजा धारक काम करते हैं। अधिकारियों का कहना था कि इस शुल्क के कारण शैक्षणिक संस्थानों के लिए एआई, साइबर सुरक्षा और चिकित्सा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में योग्य लोगों की भर्ती करना मुश्किल हो जाता।

कैलिफोर्निया के अटॉर्नी जनरल रॉब बोंटा, जिनके कार्यालय ने इस मामले में राज्यों के गठबंधन का नेतृत्व किया था, ने कहा कि अदालत ने इस नीति को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।

उन्होंने कहा, “फैसला आ गया है। ट्रंप प्रशासन की ओर से लगाया गया यह गैरकानूनी और महंगा एक लाख डॉलर का टैक्स रद्द कर दिया गया है। यह टैक्स अमेरिका की उस क्षमता पर हमला था, जिसके जरिए देश उच्च कौशल वाले प्रतिभाशाली लोगों को आकर्षित और बनाए रखता है। यही लोग हमारी अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में कर्मचारियों की जरूरत पूरी करते हैं।”

उन्होंने कहा, “कैलिफोर्निया कारोबार के लिए खुला है, प्रतिभा के लिए खुला है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा जैसी जरूरी सुविधाओं को एक मजबूत और कुशल कार्यबल मिलता रहे।”

--आईएएनएस

एवाई/एएस

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