महाराष्ट्र राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में 1 ट्रिलियन डॉलर का योगदान देगा: राज्यपाल
मुंबई, 1 मई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने शुक्रवार को कहा कि स्वतंत्रता के अमृतकाल के बाद भारत '2047 तक विकसित भारत' के लक्ष्य की ओर अग्रसर है और इसमें महाराष्ट्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने शुक्रवार को घोषणा की कि राज्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5 ट्रिलियन डॉलर की राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में 1 ट्रिलियन डॉलर का योगदान देगा।
छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में आयोजित 'महाराष्ट्र दिवस' समारोह में बोलते हुए राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार का 'विकसित महाराष्ट्र 2047' विजन दस्तावेज राज्य को प्रगति की नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से समावेशी और उन्नत महाराष्ट्र के निर्माण में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में महाराष्ट्र की बढ़ती प्रतिष्ठा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर 31.25 लाख करोड़ रुपए के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। राज्य की नई औद्योगिक नीति का लक्ष्य 70.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित करना है, जिससे संभावित रूप से 50 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए प्रोटोकॉल विभाग के भीतर एक समर्पित 'प्रत्यक्ष विदेशी निवेश' डेस्क स्थापित किया गया है। राज्यपाल वर्मा ने राज्य के बुनियादी ढांचे के तीव्र विस्तार का विस्तृत विवरण दिया।
उन्होंने बताया कि राज्य ने एमआईटीआरए (महाराष्ट्र इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन) द्वारा तैयार की गई पीपीपी पॉलिसी 2026 को मंजूरी दे दी है। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा देश का नया प्रवेश द्वार बनने के लिए तैयार है। मेट्रो लाइन-3 (एक्वा लाइन) पूरी तरह से चालू है और मुंबई महानगर क्षेत्र में 340 किलोमीटर लंबे जलमार्ग नेटवर्क का विकास किया जा रहा है। पालघर में स्थित वधावन बंदरगाह, जो भारत का सबसे बड़ा बंदरगाह बनने जा रहा है, से 12 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।
राज्यपाल के अनुसार, राज्य बलिराजों (किसानों) के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित 1 करोड़ से अधिक किसानों को सीधे तौर पर 15,950 करोड़ रुपए से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। मुख्यमंत्री की बलिराज मुफ्त बिजली योजना के तहत, 45 लाख कृषि पंपों को 25,087 करोड़ रुपए की बिजली सब्सिडी मिल रही है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ने अक्टूबर से नवंबर 2025 के बीच 45,911 सौर पंप स्थापित करके गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया है और सतत ऊर्जा के क्षेत्र में देश का नेतृत्व किया है।
राज्यपाल वर्मा ने कहा कि 'चीफ मिनिस्टर स्टूडेंट साइंस यात्रा' के तहत ग्रामीण छात्र इसरो और नासा जैसे प्रमुख संस्थानों का दौरा करेंगे। 'उमेद' मिशन के माध्यम से 4 लाख महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं और जल्द ही यह संख्या 5 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है।
उन्होंने आगे बताया कि राज्य एमपीएससी के माध्यम से 50,000 पदों और अन्य विभागों के माध्यम से 20,000 पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया को सुव्यवस्थित कर रहा है। नई 'निपुण सेतु' पहल उन उम्मीदवारों को निजी क्षेत्र में अवसर प्रदान करेगी जो अंतिम साक्षात्कार चरण तक पहुंचते हैं लेकिन सरकारी पदों के लिए चयनित नहीं होते हैं।
राज्यपाल ने 'मेरा गांव, स्वस्थ गांव', 'स्वस्थ नारी सशक्त परिवार' अभियान और कुंभ मेला सहित कई सामाजिक पहलों का भी उल्लेख किया।
इससे पहले, राज्यपाल ने संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और अंतर्राष्ट्रीय श्रम दिवस की शुभकामनाएं देते हुए राज्य के विकास में श्रमिकों के योगदान को स्वीकार किया।
--आईएएनएस
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