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सीएम स्टालिन ने तमिल और द्रविड़ आदर्शों की रक्षा का संकल्प लिया, षड्यंत्रों के खिलाफ एकजुट होने का किया आह्वान

चेन्नई, 1 मार्च (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन रविवार को अपना 73वां जन्मदिन मना रहे हैं। अपने जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने तमिल भाषा, राज्य के अधिकारों और द्रविड़ आंदोलन की वैचारिक नींव की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने इस अवसर को उत्सव के बजाय पुनः समर्पण का क्षण बताया।
सीएम स्टालिन ने तमिल और द्रविड़ आदर्शों की रक्षा का संकल्प लिया, षड्यंत्रों के खिलाफ एकजुट होने का किया आह्वान

चेन्नई, 1 मार्च (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन रविवार को अपना 73वां जन्मदिन मना रहे हैं। अपने जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने तमिल भाषा, राज्य के अधिकारों और द्रविड़ आंदोलन की वैचारिक नींव की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने इस अवसर को उत्सव के बजाय पुनः समर्पण का क्षण बताया।

एम.के. स्टालिन ने कहा कि उनके जीवन का मिशन 'तमिल और तमिलनाडु' की रक्षा करना है। साथ ही उन्होंने लोगों से एकजुट होकर बौद्धिक शक्ति और सामूहिक संकल्प के माध्यम से उन साजिशों को हराने का आह्वान किया, जिन्हें उन्होंने 'षड्यंत्र' कहा।

उन्होंने लिखा कि हम सभी को एकजुट होकर अपनी बौद्धिक शक्ति से अपने चारों ओर फैले षड्यंत्रों को हराना होगा। इसके लिए मैं खुद को और भी पूरी तरह समर्पित करूंगा।

अपने लंबे सार्वजनिक जीवन पर विचार करते हुए स्टालिन ने कहा कि उन्होंने अपनी युवावस्था से लेकर मुख्यमंत्री के रूप में अपनी वर्तमान भूमिका तक 'कड़ी मेहनत के अलावा कुछ नहीं जाना। उन्होंने तमिलनाडु को एक अग्रणी राज्य में बदलने का श्रेय 'द्रविड़ मॉडल' शासन को दिया और दावा किया कि इसकी कल्याणकारी योजनाओं और विकास पहलों ने करोड़ों लोगों के दिलों और घरों तक पहुंच बनाई है।

स्टालिन के अनुसार, तमिलनाडु अब अन्य राज्यों के लिए एक आदर्श है, जो यह सुनिश्चित करता है कि तमिल लोग 'गर्व से सिर ऊंचा करके' जीवन जी सकें। वैचारिक दृढ़ता पर जोर देते हुए उन्होंने घोषणा की कि हमें अपने मार्ग से विचलित नहीं होना चाहिए। हमें किसी भी कारण से किसी के सामने सिर नहीं झुकाना चाहिए।

सीएम स्टालिन ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से 'योद्धा भावना' के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि स्टालिन ने द्रविड़ युग के महान नेताओं थंथाई पेरियार, पेरारिग्नर अन्ना और मुथमिझ अरिगनार कलाइग्नर, एम. करुणानिधि की विरासत का स्मरण किया और उनके दृष्टिकोण को संरक्षित करने के लिए एकता का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि पिछड़े और अनुसूचित जाति समुदायों के लगभग 200 छात्र वर्तमान में राज्य की पहलों के तहत पुजारी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं।

--आईएएनएस

एसडी/वीसी

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