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जल्लिकट्टू के शीर्ष खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी, अलंगनल्लूर में पशु चिकित्सा केंद्र बनेगा: सीएम स्टालिन

चेन्नई, 17 जनवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने विश्वप्रसिद्ध अलंगनल्लूर जल्लिकट्टू प्रतियोगिता का नेतृत्व करते हुए पारंपरिक खेल को मजबूत करने और इससे जुड़े खिलाड़ियों को समर्थन देने के लिए दो अहम घोषणाएं कीं।
जल्लिकट्टू के शीर्ष खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी, अलंगनल्लूर में पशु चिकित्सा केंद्र बनेगा: सीएम स्टालिन

चेन्नई, 17 जनवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने विश्वप्रसिद्ध अलंगनल्लूर जल्लिकट्टू प्रतियोगिता का नेतृत्व करते हुए पारंपरिक खेल को मजबूत करने और इससे जुड़े खिलाड़ियों को समर्थन देने के लिए दो अहम घोषणाएं कीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे अधिक सांडों को वश में करने वाले उत्कृष्ट जल्लिकट्टू खिलाड़ियों को पशुपालन और संबद्ध विभागों में सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही अलंगनल्लूर में 2 करोड़ रुपये की लागत से जल्लिकट्टू सांडों के लिए अत्याधुनिक पशु चिकित्सा उपचार और प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया जाएगा।

ये घोषणाएं मुख्यमंत्री स्टालिन द्वारा अलंगनल्लूर में आयोजित विश्वप्रसिद्ध जल्लिकट्टू प्रतियोगिता में भाग लेने के दौरान की गईं, जो पोंगल उत्सव का मुख्य आकर्षण होती है।

मुख्यमंत्री चेन्नई से मदुरै पहुंचे, जहां मंत्री मूर्ति और जिला कलेक्टर प्रवीण कुमार ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे वडिवासल के पास विशेष रूप से तैयार मंच पर पहुंचे और वहां से प्रतियोगिता का अवलोकन किया।

जल्लिकट्टू सत्र की शुरुआत पोंगल के दिन 15 जनवरी को अवनियापुरम में हुई थी। इसके बाद शुक्रवार को पलामेडु में एक और बड़ा मुकाबला आयोजित किया गया। दोनों स्थानों पर अनुभवी सांडों और कुशल खिलाड़ियों की जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली। विजेता खिलाड़ियों और सांड मालिकों को कार और ट्रैक्टर जैसे कीमती पुरस्कार दिए गए, जिससे इस खेल के महत्व को रेखांकित किया गया।

अलंगनल्लूर में मुख्यमंत्री स्टालिन ने विजेता सांड वशकर्ताओं और सांड मालिकों को स्वर्ण अंगूठियां भेंट कर सम्मानित किया।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पोंगल और नववर्ष की शुभकामनाएं दीं और मदुरै को वीरों की धरती बताया। उन्होंने कहा कि विश्वभर में प्रसिद्ध अलंगनल्लूर जल्लिकट्टू तमिल लोगों के अदम्य साहस और गौरव का प्रतीक है।

द्रविड़ मॉडल शासन का उल्लेख करते हुए स्टालिन ने कलैगनार शताब्दी पुस्तकालय और कलैगनार शताब्दी क्लाइम्बिंग स्टेडियम जैसी परियोजनाओं का जिक्र किया, जो ज्ञान के प्रसार और तमिल विरासत के संरक्षण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि इन पहलों के साथ-साथ जल्लिकट्टू जैसे पारंपरिक खेलों की रक्षा और प्रोत्साहन भी सरकार की प्राथमिकता है। अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि नई घोषणाएं खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाएंगी और देशी सांड नस्लों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करेंगी।

एकता और प्रगति का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार तमिल परंपराओं को कल्याण और विकास के साथ आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा, “मिलकर सभी तमिल सफल होंगे और आगे बढ़ेंगे।”

--आईएएनएस

डीएससी

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