एसएसबी ने 15 साल पहले माओवादी हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की
कोलकाता, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने बुधवार (7 अक्टूबर) को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में माओवादियों के हमले में ठीक 15 साल पहले शहीद हुए अपने चार वीर जवानों को श्रद्धांजलि दी।
7 अक्टूबर, 2011 को 41वीं बटालियन एसएसबी के हेड कांस्टेबल धर्मेश्वर नाथ और कांस्टेबल दिलेश चतुरोली, थाझकुनियिल, प्रवीण पी और विवेक कुमार नक्सल विरोधी अभियान में सफलता प्राप्त करने के बाद शिविर लौट रहे थे, तभी दंतेवाड़ा के बाघमुंडी में विद्रोहियों ने घात लगाकर उनके वाहन को इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से उड़ा दिया।
चारों जवान मौके पर ही शहीद हो गए। पश्चिम बंगाल के रानीडांगा स्थित 41वीं बटालियन एसएसबी के मुख्यालय में एक शोक सभा आयोजित की गई। सिलीगुड़ी स्थित फ्रंटियर हेडक्वार्टर के आईजी वंदन सक्सेना और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने औपचारिक श्रद्धांजलि सभा के बाद शहीद जवानों के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में शस्त्रों को पलटने और दो मिनट का मौन रखने का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में सिलीगुड़ी स्थित फ्रंटियर हेडक्वार्टर के डीआईजी एकेसी सिंह, रानीडांगा स्थित सेक्टर हेडक्वार्टर के डीआईजी एस के सारंगी और डीआईजी राजीव राणा, शिव दयाल, ममता अग्रवाल और 41 बटालियन एसएसबी के कमांडेंट विकास कुमार शामिल थे।
सक्सेना ने कहा कि देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले इन वीर जवानों के हम सदा ऋणी रहेंगे। उनका बलिदान न केवल हमारे लिए एक स्मृति है, बल्कि राष्ट्र की सेवा करते समय साहस, जिम्मेदारी और अनुशासन प्रदर्शित करने की प्रेरणा भी है।
एसएसबी के महानिदेशक संजय सिंघल ने भी संदेश के माध्यम से चारों जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। संदेश में कहा गया कि सशस्त्र सीमा बल के महानिदेशक और सभी रैंक 41 बटालियन के वीर जवानों को हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। ठीक इसी दिन 2011 में, छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में राष्ट्रविरोधी तत्वों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोट में उन्होंने देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।
संदेश में आगे कहा गया कि उन्होंने अद्वितीय साहस, कर्तव्य के प्रति अटूट समर्पण और राष्ट्रीय सेवा के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता का उदाहरण प्रस्तुत किया और अंततः मातृभूमि की सेवा में सर्वोच्च बलिदान दिया। उनका साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय सेवा के प्रति उत्साह हम सभी को सदा प्रेरित करता रहेगा। वीर जवानों को सौ सलाम।
गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2015 से 2017 के बीच 48 एसएसबी जवान कार्रवाई में शहीद हुए। इनमें से दो 2017-18 में शहीद हुए। 2019 और 2021 के बीच, कार्रवाई में मारे गए एसएसबी कर्मियों की संख्या 24 थी।
--आईएएनएस
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