श्रीलंका और मालदीव के बीच सात समझौतों पर हस्ताक्षर, राष्ट्रपति मुइजू की पहली यात्रा
कोलंबो, 4 मई (आईएएनएस)। श्रीलंका और मालदीव ने सोमवार को कोलंबो में मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइजू की राजकीय यात्रा के दौरान सात समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह जानकारी राष्ट्रपति मीडिया डिवीजन (पीएमडी) ने दी।
ये समझौते पर्यटन, शिक्षा, उच्च शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, युवा विकास, अभिलेखागार और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को लेकर किए गए हैं।
मुइजू सोमवार को श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके के निमंत्रण पर तीन दिन की राजकीय यात्रा पर श्रीलंका पहुंचे। 2023 में पद संभालने के बाद यह उनकी पहली श्रीलंका यात्रा है।
श्रीलंका ने सोमवार को कोलंबो स्थित राष्ट्रपति सचिवालय में उनका औपचारिक स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने बातचीत की और अपनी चर्चा के नतीजों पर एक संयुक्त बयान जारी किया।
दिसानायके ने हाल ही में आए आपदा के समय श्रीलंका को दी गई मानवीय सहायता के लिए मालदीव सरकार का धन्यवाद किया और कहा कि जलवायु परिवर्तन दोनों देशों के लिए एक समान बड़ी चुनौती है।
उन्होंने मालदीव के निवेशकों को सूचना प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मत्स्य पालन, कृषि-प्रसंस्करण, पर्यटन, रियल एस्टेट और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसर तलाशने के लिए आमंत्रित किया।
दोनों देशों ने अपने-अपने राजनयिक मिशनों के लिए जमीन के आदान-प्रदान पर भी सहमति जताई। इसके तहत श्रीलंका ने कोलंबो में मालदीव के उच्चायोग के लिए जमीन दी, जबकि मालदीव ने श्रीलंका के उच्चायोग के लिए जमीन दी।
राष्ट्रपति मुइजू और राष्ट्रपति दिसानायके ने दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों के 60 साल पूरे होने के मौके पर एक पौधे लगाने का कार्यक्रम भी किया।
दोनों नेताओं ने श्रीलंका में पाए जाने वाले बेहद दुर्लभ और लुप्तप्राय “हॉर्सफील्डिया इरियाघेधी” नाम के पेड़ लगाए।
इस दौरान हुई औपचारिक मुलाकात में मुइजू ने श्रीलंका सरकार की उन कोशिशों की सराहना की, जिनसे उसने पिछले साल आए विनाशकारी चक्रवात ‘दितवाह’ के बाद सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों से उबरने की दिशा में काम किया।
मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने अपने संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई और पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और सामाजिक-आर्थिक विकास जैसे क्षेत्रों में नए सहयोग के रास्ते तलाशने पर सहमति जताई।
--आईएएनएस
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