दक्षिण कोरिया: पूर्व प्रथम महिला किम के खिलाफ रिश्वत मामले में फैसला इस सप्ताह, कोर्ट का निर्णय अहम
सोल, 21 जून (आईएएनएस) दक्षिण कोरिया में पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल की पत्नी और पूर्व प्रथम महिला किम कीओन ही के खिलाफ चल रहे भ्रष्टाचार मामले में इस सप्ताह अदालत अपना फैसला सुनाने जा रही है। सोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट शुक्रवार को दोपहर 2 बजे इस मामले में सजा सुनाने वाली सुनवाई करेगी।
योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, किम पर आरोप है कि उन्होंने नौकरी की नियुक्तियों और व्यावसायिक लाभों के बदले में महंगे उपहार स्वीकार किए। अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला 2022 से जुड़े घटनाक्रमों से संबंधित है, जब उन्हें विभिन्न व्यक्तियों से महंगे गिफ्ट्स प्राप्त हुए। शुक्रवार को दो बजे इस केस पर फैसला आने की उम्मीद है। न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े सूत्रों ने रविवार को इसकी जानकारी दी।
अभियोग के अनुसार, किम पर 10 करोड़ वॉन (लगभग 65,231 अमेरिकी डॉलर) से अधिक मूल्य के आभूषण लेने का आरोप है, जिसमें वैन क्लीफ एंड अर्पेल्स का हार भी शामिल है, जिसे एक निर्माण कंपनी के प्रमुख ने अपनी रिश्तेदारी के लिए सरकारी पद की मांग के बदले दिया था।
इसके अलावा, उन पर राष्ट्रीय शिक्षा आयोग के पूर्व प्रमुख से 'सोने का कछुआ' उपहार लेने का भी आरोप है, जो कथित रूप से नियुक्तियों से जुड़ा हुआ था। एक अन्य मामले में, उन पर एक पादरी से डियोर बैग और एक व्यवसायी से 'वचेरॉन कॉन्स्टेंटिन' घड़ी प्राप्त करने के आरोप भी लगे हैं। साथ ही, एक पूर्व अभियोजक से प्रसिद्ध कलाकार ली उफान की पेंटिंग लेने का भी आरोप है।
विशेष अभियोजक मिन जूंग-की की टीम ने पिछले महीने हुई सुनवाई में उनके लिए साढ़े सात साल की जेल की सजा की मांग की थी। अभियोजन पक्ष का कहना है कि किम ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए निजी लाभ के लिए लेन-देन किए।
हालांकि, किम की ओर से इन आरोपों से इनकार किया गया है। उनका कहना है कि उन्होंने उपहार प्राप्त किए थे, लेकिन उनके बदले किसी प्रकार की विशेष मांग या लेन-देन नहीं हुआ।
यह मामला पहले से ही दक्षिण कोरियाई राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है, और अप्रैल में एक अलग भ्रष्टाचार मामले में अपील अदालत ने उन्हें चार साल की जेल की सजा भी सुनाई थी, जिसमें स्टॉक मूल्य हेरफेर और धार्मिक संगठन से उपहार स्वीकार करने के आरोप शामिल थे।
अब सभी की निगाहें शुक्रवार को आने वाले इस फैसले पर टिकी हैं, जो दक्षिण कोरिया की राजनीतिक और न्यायिक व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
--आईएएनएस
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