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अवैध प्रवास और हिंसा पर सख्त हुए राष्ट्रपति रामफोसा, कानून का सम्मान करने की अपील की

जोहान्सबर्ग, 11 मई (आईएएनएस)। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने सोमवार को नागरिकों और विदेशी नागरिकों दोनों से अपील की कि वे कानून का सम्मान करें, क्योंकि सरकार अवैध प्रवास से निपटने के प्रयास तेज कर रही है।
अवैध प्रवास और हिंसा पर सख्त हुए राष्ट्रपति रामफोसा, कानून का सम्मान करने की अपील की

जोहान्सबर्ग, 11 मई (आईएएनएस)। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने सोमवार को नागरिकों और विदेशी नागरिकों दोनों से अपील की कि वे कानून का सम्मान करें, क्योंकि सरकार अवैध प्रवास से निपटने के प्रयास तेज कर रही है।

अपने साप्ताहिक न्यूजलेटर में रामफोसा ने देश के कुछ हिस्सों में विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए हाल के हिंसक प्रदर्शनों और अपराधों की निंदा की। उन्होंने कहा कि ऐसी हरकतें न तो दक्षिण अफ्रीकी लोगों की सोच को दिखाती हैं और न ही सरकार की नीति को।

उन्होंने कहा क‍ि ये उन लोगों की हरकतें हैं जो गरीबों की असली समस्याओं का फायदा उठाकर ‘समुदायिक आंदोलन’ के नाम पर गलत काम कर रहे हैं।

राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ लोग गैरकानूनी तरीके से ऐसे काम कर रहे हैं, जो सिर्फ सरकारी अधिकारियों का अधिकार है, जैसे पहचान पत्र (आईडी) चेक करना और निजी संपत्ति की तलाशी लेना। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह से कानून तोड़ना किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, चाहे अपराधी कोई भी हो या पीड़ित कोई भी।

अप्रैल के अंत से लेकर अब तक जोहान्सबर्ग, प्रिटोरिया और डरबन जैसे कई शहरों में अवैध प्रवास के खिलाफ मार्च हुए हैं। कुछ समूह मांग कर रहे हैं कि बिना दस्तावेज वाले प्रवासी देश छोड़ दें।

रामफोसा ने यह भी माना कि बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों की वजह से स्वास्थ्य सेवाओं, आवास और नगर सुविधाओं पर दबाव पड़ता है, खासकर गरीब इलाकों में।

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ नियोक्ता इन प्रवासियों का फायदा उठाते हैं और उन्हें कानूनी से कम मजदूरी देते हैं, जिससे स्थानीय लोगों में तनाव बढ़ता है।

राष्ट्रपति ने कहा क‍ि अवैध प्रवास से निपटते समय हम अपने संविधान और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों के साथ-साथ देश की सुरक्षा का भी ध्यान रख रहे हैं। उन्होंने कहा क‍ि अफ्रीकी देशों के बीच एकता और सहयोग की हमारी कोशिशों को कुछ आपराधिक घटनाओं से कमजोर नहीं होने देना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा क‍ि दक्षिण अफ्रीका में नफरत, जातीय भेदभाव, असहिष्णुता या हिंसा की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

दक्षिण अफ्रीका ने शुक्रवार को उन आरोपों को खारिज कर दिया कि देश विदेशियों के प्रति द्वेषपूर्ण रवैया रखता है। सरकार ने कहा कि हाल की घटनाएं अलग-अलग और सीमित हैं, और वह अफ्रीकी देशों के साथ प्रवासन मुद्दों पर बातचीत और कूटनीति के लिए तैयार है।

यह बयान तब आया जब घाना ने अफ्रीकी संघ से अनुरोध किया कि जून में होने वाले अफ्रीकी संघ की मध्य-वर्षीय बैठक में दक्षिण अफ्रीका में अफ्रीकी नागरिकों पर कथित विदेशी-विरोधी हमलों पर चर्चा की जाए।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी

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