दक्षिण अफ्रीका ने यूएस की वीजा पाबंदियों को खारिज किया, घरेलू नीतियों का बचाव किया
जोहान्सबर्ग, 16 सितंबर (आईएएनएस)। दक्षिण अफ्रीका ने बुधवार को अमेरिका की नई वीजा पाबंदियों को खारिज कर दिया। देश का कहना है कि इस कदम से उसकी घरेलू नीतियों की गलत तस्वीर पेश की जाती है और कूटनीतिक बातचीत के जरिए आपसी मतभेदों को सुलझाने की कोशिशें कमजोर होती हैं।
दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय संबंध और सहयोग मंत्री रोनाल्ड लमोला ने एक बयान में कहा कि अमेरिका का यह ऐलान एक बार फिर उन हाशिए के समूहों द्वारा दक्षिण अफ्रीका की घरेलू नीतियों की गलत व्याख्या के अनुरूप है, जो खुद को गलत तरीके से 'अल्पसंख्यकों' और आम तौर पर अफ्रीकानर्स का प्रतिनिधि बताते हैं।
यह मानते हुए कि दक्षिण अफ्रीकी नीतियों पर वाशिंगटन की राय अलग हो सकती है, लमोला ने कहा कि प्रिटोरिया को उम्मीद है कि उसकी संप्रभुता, लोकतंत्र और संविधान का सम्मान किया जाएगा।
शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, लमोला ने कहा कि हम सभी दक्षिण अफ्रीकियों के लिए एक ज्यादा समान और समावेशी समाज बनाने के मकसद से अपने संवैधानिक संस्थानों, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और कानून के शासन के जरिए इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने कहा कि इन मामलों पर चल रही द्विपक्षीय बातचीत यह दिखाती है कि दोनों देश स्थायी समाधान खोजने को कितना महत्व देते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि अमेरिका के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों में आने वाली चुनौतियों को केवल कूटनीतिक माध्यमों से दोनों पक्षों के सरकारी प्रतिनिधियों के बीच रचनात्मक बातचीत के जरिए ही सुलझाया जा सकता है, न कि एकतरफा कदमों से।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को एक नई नीति की घोषणा की, जिसके तहत 'नस्ल-आधारित भेदभाव' में शामिल होने के आरोपी दक्षिण अफ्रीकी अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
रुबियो ने एक बयान में कहा कि अमेरिका दक्षिण अफ्रीका में अफ्रीकानर्स और अन्य अल्पसंख्यक आबादी के खिलाफ नस्लीय अपराधों और सरकार-प्रायोजित भेदभाव को लेकर बहुत चिंतित है। इसमें नस्ल-आधारित भेदभावपूर्ण कानून, बिना मुआवजे के जमीन जब्त करने की धमकियां और अपमानजनक नारों व भाषणों के जरिए नस्लीय हिंसा भड़काना शामिल है।
अफ्रीकानर्स दक्षिण अफ्रीका का एक श्वेत जातीय समूह है, जो मुख्य रूप से डच, फ्रेंच और जर्मन मूल के उन लोगों के वंशज हैं जो 17वीं सदी के बाद से केप क्षेत्र में आकर बसे थे।
अमेरिकी प्रशासन ने दक्षिण अफ्रीकी सरकार पर श्वेत दक्षिण अफ्रीकियों के साथ बुरा बर्ताव करने का आरोप लगाया है, जबकि दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने इन दावों को खारिज कर दिया है कि वह जमीन जब्त कर रही है या 'लोगों के कुछ खास वर्गों के साथ बहुत बुरा बर्ताव' कर रही है।
--आईएएनएस
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