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सौजन्या हत्याकांड : कर्नाटक एसआईटी आज से मंगलुरु में नए सिरे से शुरू करेगी जांच

सौजन्या हत्याकांड : कर्नाटक एसआईटी आज से मंगलुरु में नए सिरे से शुरू करेगी जांच
सौजन्या हत्याकांड : कर्नाटक एसआईटी आज से मंगलुरु में नए सिरे से शुरू करेगी जांच

मंगलुरु, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक सरकार द्वारा गठित एसआईटी 2012 के चर्चित धर्मस्थल सामूहिक दुष्कर्म और सौजन्या हत्याकांड की गुरुवार से नए सिरे से आधिकारिक तौर पर जांच शुरू करेगी।

एसआईटी के सदस्य इंटेलिजेंस एसपी निशा जेम्स और सीआईडी एसपी लोकेश जगलासर गुरुवार सुबह मंगलुरु पहुंच गए हैं। वे पुलिस कमिश्नर सी.एच. सुधीर कुमार रेड्डी से मिलकर आगे की कार्रवाई पर चर्चा करेंगे।

यह नई जांच सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए शुरू की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को एसआईटी का गठन कर मामले की दोबारा जांच करने का आदेश दिया था। टीम को जांच पूरी कर तीन महीने के भीतर सक्षम अदालत में अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है।

दोनों अधिकारी गुरुवार सुबह मंगलुरु पहुंचे और पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी से मुलाकात की, जो खुद भी एसआईटी के सदस्य हैं। अधिकारी जांच की रणनीति और मामले में अगले कदमों पर चर्चा करेंगे। जांच को सुविधाजनक बनाने के लिए एसआईटी का एक अलग कार्यालय भी बनाया जाएगा।

कर्नाटक सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद 24 सितंबर को पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। इस टीम का नेतृत्व आईजीपी एन. शशिकुमार कर रहे हैं और इसमें मंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर सीएच सुधीर कुमार रेड्डी, इंटेलिजेंस एसपी निशा जेम्स, सीआईडी एसपी लोकेश जगलासर और बेंगलुरु ग्रामीण एएसपी वेंकटेश प्रसन्ना शामिल हैं।

इस बीच, एएसपी वेंकटेश प्रसन्ना ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर एसआईटी से हटाने की मांग की है। बताया जा रहा है कि कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं और सौजन्या के परिवार के सदस्यों ने टीम में उनकी नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी।

राज्य के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को कहा था कि सरकार इस मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है और अधिकारियों की नियुक्ति को लेकर परिवार और जनता द्वारा उठाई गई चिंताओं पर विचार करेगी।

उन्होंने कहा था, "एसआईटी का गठन नेक इरादे से किया गया था। हमारी कोई गलत मंशा नहीं है और न ही किसी को नुकसान पहुंचाने का इरादा है। हमारा उद्देश्य सच्चाई को सामने लाना और न्याय सुनिश्चित करना है।"

प्रियांक खड़गे ने कहा था कि सरकार इस मुद्दे पर कठोर रुख नहीं अपनाएगी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही काम करेगी।

यह मामला राज्य के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के बाद भी विवादास्पद बना हुआ है। सीबीआई द्वारा नामित मुख्य आरोपी को अदालत ने बरी कर दिया था, जिसके बाद नए सिरे से जांच की मांग उठने लगी थी।

अब एसआईटी को मामले की नए सिरे से जांच कर सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई तीन महीने की समय सीमा के भीतर रिपोर्ट सौंपनी है।

बता दें कि सौजन्या केस कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले के धर्मस्थला क्षेत्र में अक्टूबर 2012 का एक चर्चित 17 वर्षीय कॉलेज छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्याकांड से जुड़ा है, जिसमें हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर दोबारा जांच शुरू हुई है।

--आईएएनएस

वीकेयू/पीएम

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