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पिता की पुण्यतिथि पर भावुक हुई सोहा अली खान, शेयर किया दिल छू लेने वाला पोस्ट

पिता की पुण्यतिथि पर भावुक हुई सोहा अली खान, शेयर किया दिल छू लेने वाला पोस्ट
पिता की पुण्यतिथि पर भावुक हुई सोहा अली खान, शेयर किया दिल छू लेने वाला पोस्ट

मुंबई, 22 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मंसूर अली खान पटौदी के निधन को 15 वर्ष हो गए हैं। पुण्यतिथि पर पिता को याद करते हुए एक्ट्रेस सोहा अली खान ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया।

मंगलवार को सोहा ने अपने पिता की तस्वीर के सामने बैठे हुए अपनी एक तस्वीर शेयर की। अगली तस्वीर में उनकी बेटी इनाया अपने दादाजी की तस्वीर के सामने हाथ जोड़े हुए दिखाई दीं।

इनाया ने अपने दादाजी के लिए एक प्यारा सा लेटर भी लिखा था, जिसमें लिखा था, "डियर सरकार अब्बा, मुझे उम्मीद है कि स्वर्ग में आपकी डेथ एनिवर्सरी बहुत अच्छी रही होगी। मुझे उम्मीद है कि मैं कभी असल जिंदगी में आपको कभी देख पाऊंगी। मैं आपके परिवार का हिस्सा बनकर शुक्रगुजार हूं और मैं आपकी क्रिकेट स्किल्स की भी तारीफ करना चाहती हूं।"

अपने पिता की याद में सोहा ने पोस्ट के कैप्शन में लिखा, "मेरे अब्बा आपके बिना 15 वर्ष बीत गए। कभी-कभी मुझे लगता है कि क्या मैं आपकी यादों की बस कल्पना कर रही हूं, लेकिन शायद यादें यही होती हैं। प्यार, जिसे खोने का दुख बर्दाश्त नहीं होता, उसे फिर से जीना।"

सोहा अक्सर सोशल मीडिया पर अपने पिता के साथ अपनी प्यारी यादें शेयर करती रहती हैं। जनवरी में उनकी बर्थ एनिवर्सरी पर, वह कोलकाता के ईडन गार्डन्स स्टेडियम गई थीं।

अपने ऑफिशियल हैंडल पर विजिट की कुछ झलकियां शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, "आपके जन्मदिन पर अब्बा मैं उस जगह खड़ा होना चाहती थी, जहां खेल आपको याद करता है। ईडन गार्डन्स आज भले ही खाली हो, लेकिन आपके लिए यह कभी खामोश नहीं होता।"

सोहा ने उस यादगार टेस्ट मैच को भी याद किया जब उनके पिता ने गाल की हड्डी टूटने के बावजूद देश के लिए खेला और भारत को जीत दिलाई।

उन्होंने आगे कहा, "एक ऐसा मैदान जहां खेलना आपको पसंद था और जहां आपने कई बार भारत की कप्तानी की, शायद सबसे यादगार दिसंबर 1974 का टेस्ट मैच था, जो मजबूत वेस्ट इंडीज के खिलाफ खेला गया था। एंडी रॉबर्ट्स की एक गेंद आपके चेहरे पर लगी, जिससे आपके गाल की हड्डी टूट गई। आप चोटिल हो गए और खून बहने के कारण मैदान से बाहर चले गए थे, लेकिन फिर वापस आए और टीम को 85 रनों से अविश्वसनीय जीत दिलाई। ईडन का वह टेस्ट मैच भारतीय क्रिकेट की सबसे यादगार जीतों में से एक बन गया। यह हिम्मत और शेर-दिल कप्तानी की एक बेमिसाल मिसाल है।"

--आईएएनएस

डीके/एबीएम

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