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एसआईआर विवाद: मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस करेगी बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन

एसआईआर विवाद: मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस करेगी बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन
एसआईआर विवाद: मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस करेगी बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन

बेंगलुरु, 25 सितंबर (आईएएनएस)। कर्नाटक कांग्रेस मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में अनियमितताओं के विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग को लेकर शनिवार को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में विरोध प्रदर्शन करेगी।

यह घोषणा केपीसीसी अध्यक्ष बीके हरिप्रसाद ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में की।

उन्होंने कहा कि दूसरे चरण में सभी जिलों में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग की जाएगी। उन्होंने लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले राजनीतिक दलों को आंदोलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया।

बीके हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि अन्य दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित निर्णय एकतरफा लिए गए थे। उन्होंने मीडिया रिपोर्टों का हवाला दिया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान लिए गए निर्णयों पर कई बार आपत्ति जताई थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने अन्य दो चुनाव आयुक्तों द्वारा उठाए गए मतभेदों को खारिज कर दिया और मतदाता सूची संशोधन संबंधी निर्णयों पर आगे बढ़े। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों के बावजूद फॉर्म 6 में संशोधन किया गया।

बीके हरिप्रसाद ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के परिणामस्वरूप बिहार में 63 लाख, पश्चिम बंगाल में 91 लाख और कर्नाटक में 1.07 करोड़ मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से अल्पसंख्यकों, दलितों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के मतदान अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस मुद्दे पर पहले ही चिंता जताई थी और आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने उन्हें उचित जवाब नहीं दिया है। केपीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि उनके पास हटाए गए मतदाता नामों से संबंधित 65,000 आवेदन हैं और दावा किया कि उनमें से कई पर हस्ताक्षर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आवेदनों की पार्टी की जांच से पता चला है कि हटाए गए नामों का एक बड़ा हिस्सा अल्पसंख्यक और दलित समुदायों से संबंधित है।

बीके हरिप्रसाद ने आरोप लगाया कि बाबलेश्वर और हुबली-धारवाड़ में मतदाताओं के नाम हटाने के प्रयास किए गए थे। उन्होंने कहा कि त्रुटियां मतदाता सूची में नहीं, बल्कि चुनाव आयोग द्वारा संचालित एसआईआर प्रक्रिया में हुई थीं।

उन्होंने चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठने पर भाजपा द्वारा उसका बचाव करने की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, “जब हम चुनाव आयोग से सवाल करते हैं तो आयोग को खुद जवाब देना चाहिए लेकिन भाजपा नेता जवाब दे रहे हैं।”

केपीसीसी अध्यक्ष ने एसआईआर प्रक्रिया की व्यापक और स्वतंत्र समीक्षा की मांग की और कहा कि कांग्रेस इस प्रक्रिया के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्रवाई संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने के समान है और मांग की कि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें।

चुनाव आयोग ने पहले दावा किया था कि उसके आयुक्तों के बीच मतभेद और टिप्पणियां उसकी आंतरिक चर्चाओं का हिस्सा हैं और निर्णय निर्धारित संस्थागत प्रक्रिया के माध्यम से लिए जाते हैं।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी

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