तमिलनाडु में आज से ‘सिंगप्पेन’ एसटीएफ के पहले चरण की शुरुआत, 70 इकाइयां होंगी सक्रिय
चेन्नई, 10 जून (आईएएनएस)। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा और संरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से तमिलनाडु सरकार बुधवार से पूरे राज्य में नई बनी ‘सिंगप्पेन’ स्पेशल टास्क फोर्स के पहले चरण की शुरुआत करेगी।
यह विशेष तौर पर सभी महिला पुलिस इकाई को चरणबद्ध तरीके से पूरे तमिलनाडु में 270 इकाइयों तक बढ़ाने की योजना है, जिसे मुख्यमंत्री सी जोसफ विजय द्वारा शुरू किया गया है।
पहले चरण में 70 सिंगप्पेन इकाइयां राज्यभर में काम करना शुरू करेंगी। हर जिले में कम से कम एक सिंगप्पेन इकाई होगी, जबकि चेन्नई में इसकी जनसंख्या और आकार को देखते हुए 12 इकाइयां अलग-अलग जगहों पर तैनात की जाएंगी।
ग्रेटर चेन्नई पुलिस क्षेत्र में इस नई फोर्स की सबसे ज्यादा इकाइयां होंगी। तांबरम और अवाड़ी पुलिस कमिश्नरेट के तहत चार-चार सिंगप्पेन इकाइयां तैनात की जाएंगी।
तमिलनाडु के अन्य पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्रों में दो-दो इकाइयां होंगी ताकि महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में तेज प्रतिक्रिया दी जा सके।
हर सिंगप्पेन इकाई में शुरुआत में दो महिला सब-इंस्पेक्टर और एक महिला पुलिस कांस्टेबल शामिल होंगी, जो गश्त (पेट्रोलिंग) का काम करेंगी।
इस फोर्स को चलाने के लिए पुलिस विभाग ने पूरे राज्य से 140 महिला सब-इंस्पेक्टर और 420 महिला पुलिसकर्मियों का चयन किया है। ये इकाइयां 24 घंटे रोटेशन के आधार पर काम करेंगी ताकि लगातार पुलिस मौजूदगी और तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
सिंगप्पेन स्पेशल टास्क फोर्स मुख्य रूप से महिला पुलिसकर्मियों से बनी होगी। जरूरत पड़ने पर पुरुष पुलिसकर्मी वाहन चलाने और अन्य सहायक कार्यों में मदद करेंगे।
राज्य सरकार महिलाओं के लिए विशेष संपर्क व्यवस्था भी शुरू करने की योजना बना रही है, जिसमें व्हाट्सएप ग्रुप और मोबाइल नंबर शामिल होंगे, जिससे महिलाएं सीधे मदद मांग सकेंगी।
तब तक, आपात स्थिति में महिलाएं पुलिस आपातकालीन नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर 100 पर संपर्क कर सकती हैं।
नई फोर्स के लिए सरकार ने 319 चार पहिया वाहन और 101 दो पहिया वाहन खरीदने की मंजूरी दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह पहल निवारक पुलिसिंग को मजबूत करेगी, प्रतिक्रिया समय को कम करेगी और महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने में मदद करेगी।
--आईएएनएस
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