भाजपा ने चुनावी मशीनरी का दुरुपयोग कर कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन खारिज कराया: सिद्धारमैया
बेंगलुरु, 10 जून (आईएएनएस)। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य सिद्धारमैया ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किए जाने को "लोकतंत्र पर हमला" और "स्पष्ट गैरकानूनी कार्रवाई" करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा है।
बुधवार को जारी एक बयान में सिद्धारमैया ने कहा कि जिस दिन भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लंबे कार्यकाल का जश्न लोकतंत्र की उपलब्धि के रूप में मना रही है, उसी दिन उनके नेतृत्व में चुनावी मशीनरी ने कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन अवैध तरीके से खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा, "यह बेहद विडंबनापूर्ण है कि लोकतंत्र का जश्न मनाने का दावा करने वाली भाजपा के शासन में चुनावी प्रक्रिया का दुरुपयोग किया जा रहा है।"
सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किया जाना कोई सामान्य जांच प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि भाजपा को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया राजनीतिक कदम था।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने राज्यसभा चुनाव में तीसरा उम्मीदवार उतारा, जबकि उसके पास केवल दो सीटें जीतने लायक संख्या बल था। उनका आरोप है कि पहले कांग्रेस विधायकों को तोड़ने और समर्थन हासिल करने की कोशिश की गई, लेकिन जब कांग्रेस विधायक एकजुट रहे और ये प्रयास विफल हो गए, तब चुनावी मशीनरी का इस्तेमाल कर कांग्रेस उम्मीदवार का नामांकन ही खारिज करा दिया गया।
सिद्धारमैया ने नामांकन खारिज किए जाने के आधार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कानून की नजर में मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। किसी निजी शिकायत को तब तक आपराधिक मामला नहीं माना जा सकता, जब तक अदालत उस पर संज्ञान न ले। केवल अदालत का नोटिस जारी होना भी ऐसा मामला नहीं है, जिसे नामांकन पत्र में अनिवार्य रूप से घोषित करना पड़े।
उन्होंने दावा किया कि यह कानूनी पक्ष रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष स्पष्ट रूप से रखा गया था, इसके बावजूद नामांकन खारिज कर दिया गया। उनके अनुसार इससे स्पष्ट होता है कि फैसला निष्पक्ष या स्वतंत्र नहीं था, बल्कि भाजपा को ऐसी जीत दिलाने के लिए लिया गया जिसे वह ईमानदारी से हासिल नहीं कर सकती थी।
सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि यह घटना भाजपा द्वारा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप की एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में संशोधन जैसे तरीकों से पहले "वोट चोरी" की गई और अब "सीट चोरी" भी उसी अभियान का हिस्सा बन गई है।
उन्होंने कहा, "चाहे मतदाताओं में हेरफेर हो, दल-बदल कराया जाए, विधायकों की खरीद-फरोख्त हो, संस्थाओं का दुरुपयोग किया जाए या सीटें छीनी जाएं, भाजपा का उद्देश्य संसद में कृत्रिम बहुमत तैयार करना है।"
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि इसी कृत्रिम बहुमत के आधार पर संविधान की भावना के विपरीत और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ कानून बनाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों पर इस कथित हमले का हर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी और जनता के साथ मिलकर इस अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।
--आईएएनएस
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