बद्रीनाथ धाम विवाद: पांडा पंचायत की सीएम धामी से मांग, पैसे लेकर विशेष दर्शन कराने की भी हो जांच
चमोली, 18 जुलाई (आईएएनएस)। उत्तराखंड के श्री बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे के गबन मामले की जांच के बीच श्री बद्रीश पांडा पंचायत ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर जांच का दायरा बढ़ाने की मांग की है। पंचायत ने आरोप लगाया है कि मंदिर में विशेष दर्शन के नाम पर रिश्वत लेने और बिना अनुमति लोगों को मंदिर परिसर में प्रवेश दिलाने के मामलों की भी जांच कराई जानी चाहिए।
बद्रीनाथ धाम के तीर्थ पुरोहितों का प्रतिनिधित्व करने वाली श्री बद्रीश पांडा पंचायत ने अनियमितताओं की व्यापक जांच की मांग की है। पंचायत का कहना है कि चल रही जांच में पैसे लेकर विशेष दर्शन कराने और मंदिर में प्रवेश से जुड़े नियमों के उल्लंघन की शिकायतों को भी शामिल किया जाना चाहिए।
बद्रीश पांडा पंचायत के अध्यक्ष प्रवीन ध्यानी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा, "पंचायत आपकी (मुख्यमंत्री) ओर से चढ़ावा चोरी में उठाए गए कदमों का स्वागत करती है। साथ ही आशा व्यक्त करती है कि दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई कर कड़ा संदेश दिया जाएगा।"
प्रवीन ध्यानी ने कहा, "श्री बदरीश पंडा पंचायत मांग करती है कि धाम में कुछ लोग यात्रियों, श्रद्धालुओं से पैसे लेकर अवैध दर्शन करवा रहे हैं। साथ ही धाम में कार्यरत कई विभागों के कर्मचारीगण लगातार 2 नंबर गेट से लोगों को अनधिकृत प्रवेश कराकर अव्यवस्था उत्पन्न कर रहे हैं, ऐसे तत्वों पर भी सख्त कार्रवाई सुनिश्चित हो।"
अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने श्री बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे के गबन के संबंध में पूर्व मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार किया है। राजेंद्र चौहान को इस मामले में मुख्य संदिग्धों में से एक माना जा रहा है। उससे लगभग चार घंटे की पूछताछ के बाद हिरासत में ले लिया गया। वित्तीय गड़बड़ियों की जांच जारी रहने के कारण उन्हें शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
राजेंद्र चौहान की गिरफ्तारी श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर कमेटी (बीकेटीसी) की बनाई चार सदस्यों वाली जांच कमेटी के गुरुवार को अधिकारियों को अपनी 18 पेज की रिपोर्ट सौंपने के एक दिन बाद हुई। कमेटी ने चढ़ावे की गिनती के दौरान पारदर्शिता और सुरक्षा को मजबूत करने के मकसद से कई उपायों की सिफारिश की।
अपनी खास सिफारिशों में कमेटी ने सुझाव दिया कि गिनती के दौरान ड्रेस कोड जरूरी किया जाना चाहिए। इसने पूरी निगरानी और मॉनिटरिंग सिस्टम को मज़बूत करने के लिए खुले इलाकों के साथ-साथ गिनती केंद्र के अंदर भी सीसीटीवी कैमरे लगाने की सिफारिश की।
जांच कमेटी के नतीजों के आधार पर बीकेटीसी ने प्रमोद नौटियाल को सस्पेंड भी कर दिया है। नौटियाल के खिलाफ पहले भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अलग-अलग नियमों के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। वह बीकेटीसी के चेयरमैन हेमंत द्विवेदी के ऑफिस में पर्सनल असिस्टेंट के तौर पर काम कर रहे थे।
--आईएएनएस
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