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कर्नाटक सरकार ने सूखे की बिगड़ती स्थिति के मद्देनजर केंद्र से तत्काल राहत की मांग की

कर्नाटक सरकार ने सूखे की बिगड़ती स्थिति के मद्देनजर केंद्र से तत्काल राहत की मांग की
कर्नाटक सरकार ने सूखे की बिगड़ती स्थिति के मद्देनजर केंद्र से तत्काल राहत की मांग की

बेंगलुरु, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। कर्नाटक में सूखे की स्थिति और भी गंभीर होने के कारण उपमुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री जी. परमेश्वर ने प्रभावित किसानों के लिए केंद्र से तत्काल सहायता की मांग की है। उन्होंने इस क्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को अलग-अलग पत्र लिखे हैं।

परमेश्वर ने बताया कि राज्य सरकार ने खरीफ 2026 के सूखे संबंधी ज्ञापन को पहले ही प्रस्तुत कर 101 सूखा प्रभावित तालुकों के लिए 3,705.30 करोड़ रुपए की मांग की है।

आगे के वैज्ञानिक आकलन के बाद, 76 और तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया, जिससे कुल संख्या 177 हो गई।

उन्होंने बताया कि 40 अन्य तालुकों में जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण जारी है और मानसून के अंत तक सूखा प्रभावित तालुकों की संख्या 220 से अधिक होने की आशंका है।

नव घोषित 76 तालुकों में फसल क्षति आकलन से पता चला है कि 26.08 लाख हेक्टेयर में फसलों को और 1.49 लाख हेक्टेयर में बागवानी फसलों को नुकसान हुआ है।

फसल क्षति 33 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक है, जिसमें प्रभावित क्षेत्र के एक बड़े हिस्से में 50 प्रतिशत से अधिक नुकसान दर्ज किया गया है।

तुअर, मक्का, कपास, गन्ना, सोयाबीन और हरी मूंग प्रमुख प्रभावित फसलों में शामिल हैं, जबकि प्याज, सुपारी और लाल मिर्च जैसी बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा है।

कुल मिलाकर, नव घोषित 76 तालुकों में 27.57 लाख हेक्टेयर में फसल क्षति दर्ज की गई है, जिससे अनुमानित आर्थिक नुकसान 27,576.2 करोड़ रुपए है।

राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के मौजूदा मानदंडों के तहत, आवश्यक इनपुट सब्सिडी 2,981.34 करोड़ रुपए अनुमानित की गई है।

सभी 177 सूखा प्रभावित तालुकों में लगभग 47.09 लाख हेक्टेयर में फसल क्षति दर्ज की गई है, जिससे अनुमानित आर्थिक नुकसान 46,324.5 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।

खरीफ 2026 के दौरान कुल फसल क्षति 55 लाख हेक्टेयर से अधिक होने की आशंका है।

राज्य सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (एनडीआरएफ) के मानदंडों के तहत सूखे की घोषणा के दो चरणों के माध्यम से 7,142.64 करोड़ रुपए की मांग की है।

इसमें से 4,998.60 करोड़ रुपए इनपुट सब्सिडी के लिए और 2,144.04 करोड़ रुपए चारा और पेयजल आपूर्ति सहित अन्य उपायों के लिए मांगे गए हैं।

अमित शाह को लिखे पत्र में परमेश्वर ने केंद्र सरकार से एसडीआरएफ और एनडीआरएफ राहत मानदंडों, विशेष रूप से किसानों के लिए इनपुट सब्सिडी में लंबित संशोधन को शीघ्रता से पूरा करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि खेती की मौजूदा लागत और वास्तविक फसल नुकसान की तुलना में मौजूदा सहायता अपर्याप्त है।

चौहान को लिखे एक अलग पत्र में परमेश्वर ने सूखे के आकलन के लिए कर्नाटक में केंद्रीय टीम के दौरे का स्वागत किया और राहत सामग्री की शीघ्र रिलीज सुनिश्चित करने के लिए प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया।

परमेश्वर ने कहा कि मौजूदा सूखे की व्यापकता और गंभीरता को देखते हुए राज्य और केंद्र सरकारों को समन्वय में काम करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि किसानों को समय पर और पर्याप्त सहायता मिलनी चाहिए और दी जाने वाली राहत में उनके वास्तविक नुकसान की भरपाई होनी चाहिए।

--आईएएनएस

एमएस/

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