Samachar Nama
×

सेबी समर्थित एनआईएसएम और आईआईसीए के बीच साझेदारी, कॉरपोरेट गवर्नेंस और पूंजी बाजार को मिलेगा बढ़ावा

मुंबई, 21 मई (आईएएनएस)। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) समर्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स (एनआईएसएम) ने कॉरपोरेट गवर्नेंस, ईएसजी और पूंजी बाजार से जुड़े प्रशिक्षण को मजबूत करने के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स (आईआईसीए) के साथ साझेदारी की है। एक आधिकारिक बयान में गुरुवार को यह जानकारी दी गई।
सेबी समर्थित एनआईएसएम और आईआईसीए के बीच साझेदारी, कॉरपोरेट गवर्नेंस और पूंजी बाजार को मिलेगा बढ़ावा

मुंबई, 21 मई (आईएएनएस)। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) समर्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सिक्योरिटीज मार्केट्स (एनआईएसएम) ने कॉरपोरेट गवर्नेंस, ईएसजी और पूंजी बाजार से जुड़े प्रशिक्षण को मजबूत करने के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कॉरपोरेट अफेयर्स (आईआईसीए) के साथ साझेदारी की है। एक आधिकारिक बयान में गुरुवार को यह जानकारी दी गई।

कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के अनुसार, यह समझौता ज्ञापन (एमओयू) मुंबई में हस्ताक्षरित किया गया, जिसका उद्देश्य क्षमता निर्माण कार्यक्रम, सर्टिफिकेशन कोर्स, एग्जीक्यूटिव एजुकेशन मॉड्यूल और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को संयुक्त रूप से तैयार करना और संचालित करना है। इसमें सेबी अधिकारियों और अन्य नियामक एवं वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण भी शामिल होगा।

एमओयू हस्ताक्षर समारोह में सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे मौजूद रहे। उन्होंने प्रदर्शन-आधारित कॉरपोरेट गवर्नेंस ढांचे के महत्व पर जोर दिया, ताकि एमएसएमई को पूंजी बाजार तक बेहतर पहुंच मिल सके, सस्टेनेबिलिटी डिस्क्लोजर मजबूत हो और उभरते नियामक क्षेत्रों में रिसर्च को बढ़ावा मिल सके।

यह सहयोग आईआईसीए के महानिदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी ज्ञानेश्वर कुमार सिंह की पहल पर तैयार किया गया है। वह कॉरपोरेट गवर्नेंस, ईएसजी और जिम्मेदार कारोबारी आचरण से जुड़े रणनीतिक कार्यक्रमों को राष्ट्रीय विकास एजेंडे के अनुरूप आगे बढ़ा रहे हैं।

इस समझौते पर एनआईएसएम की ओर से रजिस्ट्रार योगिता जाधव और आईआईसीए की ओर से स्कूल ऑफ बिजनेस एनवायरनमेंट की प्रमुख डॉ. गरिमा दाधीच ने हस्ताक्षर किए।

यह समझौता ज्ञान साझा करने, क्षमता निर्माण, रिसर्च, नीतिगत सहयोग और संस्थागत साझेदारी के लिए दीर्घकालिक ढांचा तैयार करता है। इसमें सिक्योरिटीज मार्केट, सस्टेनेबिलिटी, ईएसजी रिपोर्टिंग और बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग (बीआरएसआर) जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है।

मंत्रालय ने कहा कि यह सहयोग दिवाला प्रक्रिया, निवेशक शिक्षा, वैल्यूएशन, जिम्मेदार निवेश, सस्टेनेबल फाइनेंस, बोर्ड गवर्नेंस, बाजार की पारदर्शिता, एमएसएमई फाइनेंसिंग और उभरते नियामक ढांचे जैसे अहम क्षेत्रों को भी कवर करेगा।

दोनों संस्थान रिसर्च स्टडी, पाठ्यक्रम विकास, बेहतर प्रक्रियाओं के प्रसार, फैकल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम, प्रकाशनों और संयुक्त रूप से सम्मेलन एवं सेमिनार आयोजित करने में भी सहयोग करेंगे।

यह साझेदारी देश के पूंजी बाजार और कॉरपोरेट क्षेत्र के लिए अधिक समावेशी, बेहतर गवर्नेंस वाले और ज्ञान-आधारित इकोसिस्टम के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

--आईएएनएस

डीबीपी

Share this story

Tags