बेंगलुरु में स्कूली छात्रा ने की आत्महत्या, परिवार ने शिक्षकों पर परेशान करने का लगाया आरोप
बेंगलुरु, 9 जुलाई (आईएएनएस)। बेंगलुरु के बाहरी इलाके में अनेकल तालुक के मारसुरु मदिवाला गांव में एक स्कूली छात्रा ने कथित तौर पर अपने घर पर फंदे से लटकर जान दे दी। परिवार का आरोप है कि स्कूल में शिक्षकों द्वारा डांटे जाने के बाद वह परेशान थी।
मृतक छात्रा एक प्राइमरी स्कूल में पढ़ती थी। पुलिस के मुताबिक, यह घटना बुधवार रात को हुई और गुरुवार सुबह तब पता चला जब परिवार वालों ने उसे अपने कमरे में फंदे से लटका हुआ पाया।
सूर्यनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच चल रही है।
पुलिस ने बताया कि छात्रा ने हाथ से लिखा एक नोट छोड़ा है जिसमें उसने अपनी मानसिक परेशानी का जिक्र किया है।
नोट में उसने लिखा है कि स्कूल की एक घटना से उसे बहुत दुख पहुंचा और दावा किया कि उस पर बेबुनियाद आरोप लगाए गए थे।
उसने कहा कि वह अपमान बर्दाश्त नहीं कर पाई और उसने यह कठोर कदम उठाने का फैसला किया। उसने यह भी कहा कि उसकी मौत के लिए उसकी मां, बड़ी बहन और छोटी बहन जिम्मेदार नहीं हैं और उसने सभी से अपील की कि वे उसकी मां को दोष न दें। उसने नोट में परिवार से माफी भी मांगी।
मीडिया से बात करते हुए छात्रा की मां ने कहा कि उनकी बेटी ने परिवार वालों से अपनी परेशानियां साझा नहीं की थीं, जबकि उनसे पूछा गया था कि क्या उन्हें कोई परेशानी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रा ने सुसाइड नोट में जिक्र किया है कि स्कूल में शिक्षकों ने उसे परेशान किया था और उसने अपनी परेशानी स्कूल के फिजिकल एजुकेशन टीचर को बताई थी।
छात्रा के एक रिश्तेदार ने उसे एक होनहार छात्रा और स्टेट-लेवल की कबड्डी और खो-खो खिलाड़ी बताया।
उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में एक शिक्षक ने छात्रा को इसलिए बुलाया था, क्योंकि उस पर शिक्षकों के निकनेम रखने का आरोप था, जिसके बाद वह साथी छात्रों के बीच मजाक का पात्र बन गई थी।
रिश्तेदार ने दावा किया कि स्कूल के हेडमास्टर ने छात्रा से इस मामले पर पूछताछ की थी और आरोप लगाया कि इसी अपमान के कारण उसने यह कठोर कदम उठाया होगा। उन्होंने इस बात पर भी निराशा जताई कि गुरुवार दोपहर तक स्कूल का कोई भी अधिकारी परिवार से मिलने नहीं आया था।
एक अन्य रिश्तेदार ने आरोप लगाया कि परिवार को शुरू में पता नहीं था कि छात्रा 8 जुलाई को स्कूल गई थी।
उन्होंने दावा किया कि जब उन्होंने ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर से संपर्क किया तो स्कूल मैनेजमेंट ने पुष्टि की कि वह क्लास में शामिल हुई थी और रोते हुए पाए जाने के बाद उसकी काउंसलिंग की गई थी।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या शिक्षकों ने थोड़ी और सहानुभूति दिखाई होती तो इस दुखद घटना को रोका जा सकता था।
संतोष ने आगे आरोप लगाया कि छात्रा पिछले तीन महीनों से स्कूल में मुश्किलों का सामना कर रही थी, लेकिन उसने घर पर इनके बारे में कुछ नहीं बताया था। उन्होंने कहा कि परिवार पहले से ही उसके पिता के गुजरने के गम से जूझ रहा था और हो सकता है कि उसने अपनी परेशानियों का बोझ परिवार पर और न डालने का फैसला किया हो।
पुलिस ने घटना से जुड़े हालात और परिवार के आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
--आईएएनएस
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