पश्चिम बंगालः गेटमैन की लापरवाही के कारण टकराई बस और ट्रेन, चार लोगों की मौत पर मुख्यमंत्री ने जताया दुख
कोलकाता, 17 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के करनासुबर्णा में शुक्रवार को हुई दुखद घटना की पुलिस और रेलवे विभाग की शुरुआती जांच से पता चला है कि गेटमैन की लापरवाही ही इस हादसे की मुख्य वजह थी। इस घटना में एक ट्रेन के रेलवे क्रॉसिंग पर वैन से टकराने के कारण तीन स्कूली बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। वहीं मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने हादसे पर दुख जताया है।
सुवेंदु अधिकारी ने एक्स पर लिखा, "आज सुबह मुर्शिदाबाद में हुए दुखद ट्रेन हादसे से मुझे गहरा दुख हुआ है। जिन युवा छात्रों ने अपनी जान गंवाई है, उनके परिवारों, और खासकर उनके माता-पिता के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। इतने गहरे दुख को कम करने के लिए कोई शब्द नहीं हैं और इस मुश्किल घड़ी में पूरा राज्य पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है। मैंने प्रशासन को घायलों और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद देने का निर्देश दिया है। मंत्री गौरी शंकर घोष पहले ही अस्पताल का दौरा कर चुके हैं और स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं। ज़िला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक सुबह से ही घटनास्थल पर मौजूद हैं और व्यक्तिगत रूप से राहत कार्यों की देखरेख कर रहे हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इलाज करा रहे लोगों को बेहतरीन चिकित्सा सुविधा मिले। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शरद्वत मुखर्जी व्यक्तिगत रूप से यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि घायलों को मेडिकल कॉलेज में सबसे अच्छा इलाज मिले। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। राज्य पुलिस ने रेलवे गेटमैन को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना के कारणों की गहन जांच की जाएगी और मैं पश्चिम बंगाल की जनता को भरोसा दिलाता हूं कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।"
सूत्रों ने बताया कि गेटमैन नशे की हालत में था और उसने रेल गेट बंद करने की अपनी ड्यूटी नहीं निभाई, जबकि उसे बताया गया था कि निम्टिता-कटवा लोकल ट्रेन डाउन लाइन पर तेजी से आ रही है।
गेट बंद न होने की वजह से स्कूल वैन के ड्राइवर को सामने से आ रही ट्रेन का पता नहीं चला और उसने रेलवे लाइन पार करने की कोशिश की। तभी ट्रेन ने स्कूल वैन को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे तीन स्कूली बच्चों समेत चार लोगों की मौत हो गई।
रेलवे ने ड्यूटी में गंभीर लापरवाही के आरोप में गेटमैन को तुरंत सस्पेंड कर दिया। बाद में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पहले भी स्थानीय रेलवे अधिकारियों से कई बार शिकायतें की गई थीं कि गेटमैन ड्यूटी के समय भी नशे में रहता था।
गेटमैन की गिरफ्तारी के बाद एक स्थानीय निवासी ने मीडिया को बताया, "पहले भी कई बार ऐसा हुआ है जब ट्रेन गुजरने के बाद वह रेल-गेट खोलना भूल गया, जिससे गेट के दोनों तरफ काफी देर तक ट्रैफिक जाम रहा। कई लोगों को डर था कि अगर वह रेल-गेट बंद करना भूल गया तो कोई हादसा हो सकता है। आज सुबह हमारा यह डर सच साबित हुआ और हादसा हो ही गया।"
गिरफ्तारी के समय गेटमैन साफ तौर पर नशे की हालत में था। हादसे में तीन स्कूली बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग अभी बहरामपुर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती हैं।
--आईएएनएस
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