डेटा लीक पर एसबीआई ने जारी किया बयान, "ग्राहक का फंड पूरी तरह सुरक्षित"
नई दिल्ली, 23 अक्टूबर (आईएएनएस)। देश के सबसे बड़े बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने शुक्रवार को साइबर हमले में डार्क वेब पर 3,897 ग्राहकों के डेटा लीक पर बयान जारी कर कहा है कि इसमें ग्राहकों के खातों में जमा राशि (फंड) में कोई नुकसान नहीं हुआ है।
एसबीआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एक बयान में कहा, "हाल ही में हुई साइबर घटना के संबंध में हमारी पिछली पोस्ट के बाद, बैंक ने उन सभी ग्राहकों को ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए अलग से सूचित कर दिया है, जिनका डेटा इस घटना से प्रभावित हुआ है।"
साथ ही कहा, "हम फिर से स्पष्ट करते हैं कि आपके खाते की शेष राशि और फंड हमारे पास सुरक्षित हैं।"
बैंक ने ग्राहकों को सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग तौर-तरीके अपनाने, अपना ओटीपी, पिन या पासवर्ड कभी किसी के साथ साझा न करने और संदिग्ध कॉल, मैसेज व ईमेल को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
यह बयान ऐसे समय पर सामने आया है, जब इस हफ्ते की शुरुआत में भारत के सबसे बड़े बैंक ने स्पष्ट किया कि उसके यहां डेटा लीक हुआ है, जिसमें 3,897 ग्राहकों का डेटा डार्क वेब पर पब्लिश हो गया है।
हफ्ते की शुरुआत में, बैंक ने बताया कि उसे अपने 'थ्रेट इंटेलिजेंस सर्विस प्रोवाइडर', 'डिफेंस साइबर एजेंसी' और 'सीईआरटी-इन' से ग्राहकों के डेटा के संभावित रूप से लीक होने के संबंध में एक अलर्ट मिला है।
बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि डार्क वेब पर मौजूद लगभग 3,75,000 रिकॉर्ड्स के शुरुआती विश्लेषण के दौरान, 3,897 ऐसे ग्राहक रिकॉर्ड मिले हैं जिनमें उनकी निजी पहचान से जुड़ी जानकारी शामिल है।
बैंक के अनुसार, लीक हुई जानकारी में ग्राहकों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, जन्म तिथि, नाम, लिंग, ईमेल पते, घर के पते, ब्रांच और सीआईएफ आइडेंटिफायर, लीड आईडी और लोन या लीड रिकॉर्ड से जुड़े मेटाडेटा तथा अन्य संबंधित फाइलें शामिल हैं।
सरकारी बैंक ने बताया कि उसने तुरंत अपने 'साइबर इंसिडेंट रिस्पॉन्स' और 'कंटेनमेंट प्रोटोकॉल' को सक्रिय कर दिया है। साथ ही, मामले की व्यापक जांच करने और डेटा लीक की प्रकृति एवं इसके दायरे का पता लगाने के लिए सीईआरटी-इन द्वारा मान्यता प्राप्त एक स्वतंत्र साइबर सुरक्षा एजेंसी को नियुक्त किया है।
बैंक ने कहा कि लीक हुए डेटा की सत्यता और पूर्णता की पुष्टि करने, इसके संभावित स्रोत और दायरे का पता लगाने, एवं इससे जुड़े जोखिमों का आकलन करने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।
--आईएएनएस
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