सतीशन की पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा, क्या अनुभवी चेन्निथला को कैबिनेट में मिलेगी जगह?
तिरुवनंतपुरम, 15 मई (आईएएनएस)। वीडी सतीशन केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले ही अपने सबसे बड़ी राजनीतिक परीक्षा का सामना कर रहे हैं। यह चुनौती प्रशासनिक से ज्यादा राजनीतिक और भावनात्मक मानी जा रही है, क्योंकि उन्हें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला को साथ लेकर चलना होगा।
करीब चार दशक से केरल की राजनीति के केंद्र में रहे रमेश चेन्निथला इस महीने 70 साल के होने जा रहे हैं। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक करियर में यूथ कांग्रेस नेता, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष, विपक्ष के नेता, गृह मंत्री और पार्टी के रणनीतिकार जैसी कई अहम भूमिकाएं निभाई हैं।
उनका राजनीतिक सफर काफी मजबूत माना जाता है। 2004 के लोकसभा चुनाव को छोड़ दें तो उन्हें अपने करियर में बहुत कम बड़े झटके लगे हैं। यही वजह है कि कांग्रेस के भीतर उनकी पकड़ और प्रभाव आज भी काफी मजबूत माना जाता है।
मुख्यमंत्री पद को लेकर पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस में जारी खींचतान ने पार्टी के अंदरूनी मतभेद भी उजागर कर दिए थे। आखिरकार दिल्ली में लंबी बैठकों और चर्चाओं के बाद पार्टी हाईकमान ने सतीशन के नाम पर मुहर लगाई, लेकिन पार्टी के कई नेता चेन्निथला के समर्थन में खड़े दिखाई दिए।
बताया जा रहा है कि अंतिम फैसले से चेन्निथला पूरी तरह खुश नहीं हैं। गुरुवार रात नए विधायकों की पहली बैठक में भी वे शामिल नहीं हुए। शुक्रवार सुबह उन्हें गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर में दर्शन करते देखा गया।
चेन्निथला ने कहा, "कैबिनेट में किसे शामिल करना है, यह मुख्यमंत्री का अधिकार है। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं और पार्टी हाईकमान का धन्यवाद करता हूं।"
अब माना जा रहा है कि सतीशन जल्द ही चेन्निथला से मुलाकात कर उन्हें सरकार में अहम जिम्मेदारी देने की पेशकश कर सकते हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सतीशन के सामने असली चुनौती सिर्फ सरकार बनाना नहीं बल्कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर पार्टी की एकजुटता बनाए रखना है।
--आईएएनएस
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