एनएसएस ने सीएम सतीशन पर लगाया अहंकार का आरोप, कहा- अब मुलाकात के लिए नहीं मांगेंगे समय
कोट्टायम, 20 जून (आईएएनएस)। केरल में एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक टकराव शुरू हो गया है। नायर सर्विस सोसाइटी (एनएसएस) के महासचिव जी. सुकुमारन नायर ने शनिवार को मुख्यमंत्री वीडी सतीशन पर तीखा व्यक्तिगत हमला किया।
उन्होंने सतीशन पर अहंकार का आरोप लगाया और घोषणा की कि संगठन अब उनसे मिलने का समय नहीं मांगेगा और न ही मुलाकात के लिए गिड़गिड़ाएगा।
एनएसएस हिंदू नायर समुदाय का एक शक्तिशाली सामाजिक संगठन है। यह तीखी आलोचना पेरन्ना में एनएसस मुख्यालय में आयोजित वार्षिक बजट बैठक के दौरान की गई।
सुकुमारन नायर ने मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा कथित तौर पर मुलाकात का अनुरोध ठुकराए जाने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि एनएसएस ने समुदाय से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए दो बार कार्यालय से संपर्क किया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
एनएसएस नेतृत्व राज्य सरकार का ध्यान संगठन पर असर डालने वाले इनकम टैक्स संशोधनों से जुड़ी तकनीकी समस्याओं की ओर दिलाना चाहता था। साथ ही, पिछली वामपंथी सरकार के कार्यकाल के दौरान सौंपे गए ज्ञापन पर आगे की कार्रवाई के बारे में भी बात करना चाहता था।
हालांकि, बार-बार मुलाकात का समय न मिलने से नेतृत्व नाराज हो गया और इसे 'जानबूझकर की गई अनदेखी' माना।
सुकुमारन नायर ने कहा, "मुलाकात का समय पाने की दो कोशिशें की गईं, लेकिन समय नहीं दिया गया। एनएसएस अब किसी के पीछे नहीं भागेगा। पेरन्ना अब किसी के आगे हाथ नहीं जोड़ेगा।"
एनएसएस प्रमुख ने सतीशन की उन पुरानी बातों का भी जिक्र किया, जिनमें उन्होंने कहा था कि वे चुनावों के दौरान समर्थन पाने के लिए 'समुदाय के नेताओं के दरवाजों के चक्कर नहीं लगाएंगे'।
उन्होंने आरोप लगाया कि सतीशन, जो पहले समर्थन की जरूरत होने पर एनएसएस मुख्यालय आते थे और बैठकों का इंतजार करते थे, सत्ता में आने के बाद बदल गए हैं।
इन बयानों ने कांग्रेस नेतृत्व और प्रभावशाली समुदाय संगठन के बीच पहले से ही तनावपूर्ण रिश्तों को और खराब कर दिया है।
एनएसएस ने पारंपरिक रूप से राजनीतिक दलों से समान दूरी बनाए रखी थी। अब अपने ही समुदाय के मुख्यमंत्री के साथ खुले टकराव की ओर बढ़ती दिख रही है।
इस ताजा हमले ने कांग्रेस और सत्ताधारी गठबंधन के कुछ हिस्सों में भी बेचैनी पैदा कर दी है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि बड़े समुदाय संगठनों को नाराज करने से राजनीतिक मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
--आईएएनएस
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