'भगवा रंग की बसें कांग्रेस को पसंद नहीं आएंगी', मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव
भोपाल, 25 सितंबर (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को राज्य में शुरू की गई नई सार्वजनिक बसों के भगवा रंग को लेकर कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सड़कों पर इन बसों को देखकर विपक्ष खुश नहीं होगा।
सीएम मोहन यादव ने भोपाल में 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' की शुरुआत की। इसके साथ ही दो दशक से अधिक समय के बाद राज्य परिवहन निगम की सेवा फिर से शुरू हो गई है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यादव ने सवाल किया कि विपक्ष को बसों के रंग से परेशानी क्यों हो रही है। कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि सड़कों पर इन बसों को देखकर "कांग्रेस की छाती पर सांप लोटेगा।"
सरकार ने पहले चरण में सात शहरों में 351 बसों की शुरुआत की है। इनमें 120 बसें एक शहर से दूसरे शहर के बीच चलेंगी, जबकि 231 बसें शहरों के अंदर संचालित होंगी। आने वाले समय में बसों की संख्या बढ़ाकर 1,500 करने की योजना है। इसके बाद इस संख्या को और बढ़ाया जाएगा।
यादव ने कांग्रेस पर अपने शासनकाल के दौरान जानबूझकर राज्य परिवहन निगम को बंद करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, "मुझे खुशी है कि मध्य प्रदेश में दो दशक बाद राज्य परिवहन निगम को फिर से शुरू किया गया है। कांग्रेस सरकार के समय सड़कें जाम कर योजनाबद्ध तरीके से परिवहन निगम को बंद करने की साजिश रची गई थी।"
उन्होंने कहा कि नई बस सेवा शहरों, कस्बों और राज्य के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ेगी। जरूरत पड़ने पर ये बसें मध्य प्रदेश के बाहर भी चलाई जा सकती हैं।
मुख्यमंत्री ने इस सेवा की शुरुआत को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 2023 के चुनावी वादे को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि लोगों को सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
यादव ने कहा, "आज 351 बसों के साथ इस सेवा की शुरुआत की जा रही है और आने वाले समय में मध्य प्रदेश को 1,500 बसें मिलेंगी। जनता की सेवा हमारी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। यह हमारे 2023 के चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादे को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।"
मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार के कार्यों का जिक्र करते हुए दावा किया कि राज्य में पांच लाख किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण किया गया है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों के नेटवर्क के विस्तार का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को दिया।
वहीं, कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री पर पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शासन के कामकाज पर ध्यान देने के बजाय नाम बदलने पर जोर दे रहे हैं।
जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "हमारे मोहन बाबू, जब कुछ नहीं कर पाते हैं, तो नाम बदलने की मुहिम शुरू कर देते हैं। अब उन्हें कौन समझाए कि 'नाम' नहीं, 'काम' बदलने की जरूरत है?"
--आईएएनएस
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