वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की रूसी सांसद ने निंदा की
मॉस्को, 3 जनवरी (आईएएनएस)। रूस की संसद के उच्च सदन फेडरेशन काउंसिल के उपाध्यक्ष कोंस्टेंटिन कोसाचेव ने वेनेजुएला के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि इसका कोई वैध आधार नहीं है, क्योंकि दक्षिण अमेरिकी देश ने अमेरिका के लिए किसी भी प्रकार का खतरा पैदा नहीं किया है।
कोसाचेव ने शनिवार को अपने टेलीग्राम चैनल पर लिखा, “इसमें कोई संदेह नहीं कि वेनेजुएला ने अमेरिका के लिए न तो सैन्य, न मानवीय, न आपराधिक और न ही मादक पदार्थों से जुड़ा कोई खतरा पैदा किया है।”
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों और हफ्तों में वेनेजुएला के खिलाफ उठाए गए कदमों की तरह मौजूदा सैन्य कार्रवाई का भी कोई ठोस औचित्य नहीं है। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, कोसाचेव ने जोर देकर कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था किसी एक देश द्वारा थोपे गए तथाकथित ‘नियमों’ पर नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कानून पर आधारित होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्रवाई में अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन हुआ है और इस तरह स्थापित व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
कोसाचेव ने विश्वास जताया कि दुनिया के अधिकांश देश वेनेजुएला पर हुए इस हमले से खुद को अलग रखेंगे और इसकी निंदा करेंगे।
इससे पहले दिन में मॉस्को ने अमेरिकी कार्रवाई को “गंभीर रूप से चिंताजनक” और निंदनीय बताया था। रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, “इस तरह की कार्रवाइयों को सही ठहराने के लिए दिए गए तर्क टिकाऊ नहीं हैं। वैचारिक शत्रुता ने व्यावहारिक सोच और भरोसेमंद व पूर्वानुमेय संबंध बनाने की इच्छा पर विजय पा ली है।”
रूस ने जोर दिया कि जिन साझेदार देशों के बीच मतभेद हैं, उन्हें संवाद के जरिए समाधान तलाशना चाहिए और हालात को और बिगड़ने से रोकना चाहिए।
बयान में कहा गया, “लैटिन अमेरिका को 2014 में घोषित अपने ‘शांति क्षेत्र’ के दर्जे को बनाए रखना चाहिए। वेनेजुएला को अपने भविष्य का निर्धारण स्वयं करने का अधिकार मिलना चाहिए, बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के। हम वेनेजुएला के लोगों के साथ अपनी एकजुटता और देश की संप्रभुता व राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए उसके बोलिवेरियन नेतृत्व के प्रयासों का समर्थन दोहराते हैं।”
रूस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग को लेकर वेनेजुएला और लैटिन अमेरिकी देशों के नेतृत्व के बयान का भी समर्थन किया है।
--आईएएनएस
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