रूस ने अमेरिका प्रतिबंधों के खिलाफ क्यूबा का किया समर्थन
मॉस्को, 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका प्रतिबंधों के खिलाफ रूस ने क्यूबा का समर्थन किया है। रूस के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह क्यूबा पर लगे अमेरिकी आर्थिक, वाणिज्यिक और वित्तीय प्रतिबंधों को हटाने की कोशिश में अपना समर्थन देना जारी रखेगा।
मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर जारी एक बयान में कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बुधवार को एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें इन प्रतिबंधों को खत्म करने की मांग की गई है। इस प्रस्ताव के पक्ष में 130 वोट पड़े, 17 वोट इसके खिलाफ थे, जबकि 25 देशों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया। मंत्रालय ने बताया कि रूस ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। साथ ही कहा कि वोट के नतीजों ने यह साबित किया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने हवाना (क्यूबा) के खिलाफ लगाए गए इन अवैध और अमानवीय प्रतिबंधों की लगभग सर्वसम्मति से और दृढ़तापूर्वक निंदा की है।
समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने कहा कि इस साल क्यूबा पर आर्थिक और सैन्य दबाव अभूतपूर्व रूप से बढ़ा है। इसके साथ ही एनर्जी ब्लॉकेड ने आम नागरिकों को अस्तित्व बचाने के संकट के कगार पर ला खड़ा किया है। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि अगर क्यूबा में सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह ढह जाती है, तो वहां से बड़ी संख्या में लोग पड़ोसी देशों की ओर पलायन कर सकते हैं, जिससे क्षेत्र में एक बड़ा प्रवासन संकट पैदा हो सकता है।
वहीं, रूस ने अपने देश की संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा कर रही क्यूबा की सरकार और वहां के लोगों के साहस की प्रशंसा की। रूस ने कहा कि भारी अमेरिकी दबाव के बावजूद, हवाना अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम है।
मंत्रालय ने कहा कि इस मुद्दे पर मॉस्को का सैद्धांतिक रुख पहले जैसा ही है। उसने क्यूबा और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ मिलकर काम करने का वादा किया, ताकि इस द्वीप देश पर लगे प्रतिबंधों को जल्द से जल्द, पूरी तरह से और बिना किसी शर्त के हटाया जा सके।
इस बीच, भारत ने बुधवार को एक बार फिर उन कानूनों को खारिज कर दिया जो दूसरे देशों की संप्रभुता पर बुरा असर डालते हैं। भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के उस प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जिसमें क्यूबा पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों को खत्म करने की मांग की गई है।
संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मिशन की काउंसलर सौम्या नायर ने कहा कि नई दिल्ली महासभा की उस अपील का समर्थन करती है, जिसमें सभी देशों से कहा गया है कि वे 'ऐसे कानूनों और नियमों को खारिज करें, जिनका असर देश की सीमाओं के बाहर तक होता है और जो दूसरे देशों की संप्रभुता तथा वहां के लोगों की प्रगति और समृद्धि पर बुरा असर डालते हैं।'
क्यूबा के खिलाफ आर्थिक, वाणिज्यिक और वित्तीय प्रतिबंधों को खत्म करने की मांग वाले प्रस्ताव पर मतदान से पहले बोलते हुए उन्होंने कहा, "भारत, असेंबली की उस अपील को दोहराता है जिसमें सभी देशों से कहा गया है कि वे ऐसे कानूनों और उपायों को लागू करने से बचें, और संयुक्त राष्ट्र चार्टर व अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने दायित्वों के अनुरूप, ऐसे कानूनों और उपायों को रद्द करें और अमान्य घोषित करें।"
--आईएएनएस
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