आंखों में आंसू, दिल में पिता की याद... रुपाली गांगुली ने बताया कैसे 'अनुपमा' से खरीदा पहला घर
मुंबई, 30 सितंबर (आईएएनएस)। मुंबई में आयोजित 'फिक्की फ्रेम्स 2026' के मंच पर एक्ट्रेस रुपाली गांगुली अपने दिवंगत पिता और दिग्गज फिल्ममेकर अनिल गांगुली को याद करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि उनके पिता का सबसे बड़ा सपना मुंबई में अपना घर बनाने का था। टीवी शो 'अनुपमा' की कमाई से वह अपना पहला घर खरीद पाईं और इस तरह वह अपने पिता का सपना पूरा करने में सफल रही।
इवेंट में अपनी जिंदगी के उस दौर को याद करते हुए रुपाली ने बताया कि उनके पिता फिल्ममेकर थे और उस समय फिल्में बनाना आज की तरह आसान नहीं था।
उन्होंने कहा, ''मेरे पिता फिल्ममेकर थे। उस दौर में जो लोग कॉरपोरेट फिल्ममेकिंग बिजनेस में नहीं थे, वे फिल्में बनाने के लिए अपने घर बेच दिया करते थे। एक समय ऐसा आया, जब हमने सब कुछ खो दिया। मेरे पिता का सिर्फ एक सपना था कि मुंबई में उनका अपना घर हो।''
बता दें कि रुपाली के पिता अनिल गांगुली हिंदी सिनेमा के जाने-माने फिल्ममेकर और स्क्रीनराइटर थे। उन्होंने अपने करियर में कई चर्चित फिल्मों का निर्देशन किया। इनमें नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली फिल्म 'कोरा कागज' के अलावा 'तपस्या' और 'साहेब' जैसी फिल्में शामिल हैं। अनिल गांगुली का 15 जनवरी 2016 को 82 साल की उम्र में निधन हो गया था।
अपने फिल्मी परिवार को लेकर रुपाली ने उस टैग पर भी बात की, जो उन्हें अक्सर सुनने को मिलता है। उन्होंने खुद को 'नेपो किड' कहे जाने की बात स्वीकार की, लेकिन साथ ही बताया कि वह अपनी पहचान अपने काम से बनाना चाहती थीं।
रुपाली ने कहा, ''मैं एक टिपिकल नेपो किड थी, एक बड़े फिल्ममेकर की बेटी। लेकिन मेरे पिता का यही सपना था, जिसे मैं पूरा करना चाहती थी। 'अनुपमा' शो मैंने किया और अपना पहला घर खरीदा।''
'अनुपमा' के प्रोड्यूसर राजन शाही भी इस इवेंट में मौजूद थे। उन्होंने रुपाली के शुरुआती करियर के संघर्षों के बारे में कहा, ''शो के लिए रूपाली को तीन बार ऑडिशन देना पड़ा था। शुरुआत में मैंने रुपाली को रिजेक्ट कर दिया था, लेकिन उन्होंने एक और मौका देने की अपील की। शुरुआत में रुपाली की आर्थिक स्थिति भी सही नहीं थी। उनके पास कई बार बस का किराया देने तक के पैसे नहीं होते थे, इसलिए वह पैसे बचाने के लिए वर्ली से पैदल आती थीं। उनका यह संघर्ष देखकर मुझे आज उन पर गर्व होता है।''
--आईएएनएस
पीके/एबीएम

