सत्ताधारी एनसी ने श्रीनगर और जम्मू में भाजपा दफ्तर के शांतिपूर्ण 'घेराव' की घोषणा की
श्रीनगर, 1 सितंबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने मंगलवार को घोषणा की कि वह केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए जम्मू और श्रीनगर में भारतीय जनता पार्टी के दफ्तरों का शांतिपूर्ण 'घेराव' करेगी। यह दबाव इस बात के लिए बनाया जा रहा है कि केंद्र सरकार संसद और सुप्रीम कोर्ट में केंद्र शासित प्रदेश के लोगों से किए गए वादों को पूरा करे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कह चुके हैं कि जम्मू-कश्मीर को 'सही समय' पर राज्य का दर्जा वापस दिया जाएगा।
भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में भी जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस देने का भरोसा दिलाया था।
इन आश्वासनों को देखते हुए सत्ताधारी एनसी ने मंगलवार को घोषणा की कि वह बुधवार, 2 सितंबर को श्रीनगर और जम्मू में भाजपा मुख्यालय का शांतिपूर्ण घेराव करेगी। इसका मकसद केंद्र सरकार पर संसद और सुप्रीम कोर्ट के सामने किए गए वादों को पूरा करने के लिए दबाव बनाना है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर जारी एक बयान में कहा कि प्रस्तावित प्रदर्शन जम्मू-कश्मीर से जुड़ी उसकी स्पष्ट और पुरानी मांगों पर केंद्रित होंगे।
पार्टी ने अपनी मांगों में राज्य का दर्जा बहाल करने, संवैधानिक गारंटी, आरक्षण फाइल को मंजूरी देने और जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए न्याय सुनिश्चित करने जैसी बातें शामिल कीं। एनसी ने कहा कि इस प्रस्तावित कदम का मकसद संसद और सुप्रीम कोर्ट के सामने किए गए वादों को लेकर केंद्र सरकार से जवाबदेही तय करना है।
पार्टी ने कहा, "जम्मू-कश्मीर के लोगों का जनादेश कोई ब्लैंक चेक नहीं है। इसका सम्मान किया जाना चाहिए, इसे हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।" उसने प्रस्तावित घेराव को शांतिपूर्ण बताया और अपनी मांगों को राजनीतिक और लोकतांत्रिक तरीकों से पूरा करने की अपील की।
एनसी ने संसद के मानसून सत्र की शुरुआत में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी विरोध प्रदर्शन किया था ताकि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस दिलाने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
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