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तेलंगाना बजट: मूसी रिवरफ्रंट विकास के लिए 1,500 करोड़ रुपये आवंटित

हैदराबाद, 20 मार्च (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार ने राज्य बजट 2026-27 में मूसी नदी के विकास के लिए 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह परियोजना मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की प्रमुख योजनाओं में से एक है।
तेलंगाना बजट: मूसी रिवरफ्रंट विकास के लिए 1,500 करोड़ रुपये आवंटित

हैदराबाद, 20 मार्च (आईएएनएस)। तेलंगाना सरकार ने राज्य बजट 2026-27 में मूसी नदी के विकास के लिए 1,500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह परियोजना मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की प्रमुख योजनाओं में से एक है।

विधानसभा में बजट पेश करते हुए उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्का ने बताया कि मूसी नदी के 55 किलोमीटर लंबे हिस्से के पुनरुद्धार के लिए व्यापक योजना तैयार की गई है।

उन्होंने कहा कि पहले चरण में यह परियोजना उस्मान सागर और हिमायत सागर से लेकर गांधी सरोवर तक विकसित की जाएगी। नदी के पुनर्जीवन के तहत गोदावरी परियोजना से 2.5 टीएमसी पानी मूसी में छोड़ा जाएगा।

ईसा और मूसी नदियों के संगम पर गांधी सरोवर परियोजना विकसित की जा रही है, जिसमें नदी की सफाई, बाढ़ नियंत्रण, रिवरफ्रंट विकास और लोगों के लिए मनोरंजन सुविधाएं शामिल होंगी।

सरकार ने आश्वासन दिया है कि मूसी नदी के बफर जोन में रहने वाले लोगों का मानवीय दृष्टिकोण से पुनर्वास किया जाएगा, जिससे उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।

वित्त मंत्री ने बताया कि हैदराबाद और आसपास के क्षेत्रों के विकास के लिए विभिन्न एजेंसियों के जरिए 43,592.88 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 24,752 करोड़ रुपये के काम शुरू हो चुके हैं।

हैदराबाद सिटी इनोवेटिव एंड ट्रांसफॉर्मेटिव इंफ्रास्ट्रक्चर (एच-सिटी) योजना के तहत 2,654 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, हैदराबाद मेट्रो रेल के दूसरे चरण के लिए 600 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि हैदराबाद मेट्रो रेल रोजाना करीब 5 लाख यात्रियों को सेवा दे रही है और अब इसे ओल्ड सिटी, शमशाबाद एयरपोर्ट और अन्य क्षेत्रों तक विस्तारित करने की योजना है।

सरकार ने राज्य के विकास के लिए सेवा क्षेत्र, मैन्युफैक्चरिंग और कृषि मॉडल पर काम करने की रणनीति बनाई है। आउटर रिंग रोड के भीतर के क्षेत्र को हाई-वैल्यू सर्विस हब, जबकि आउटर और रीजनल रिंग रोड के बीच के क्षेत्र को मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

इसके अलावा, सरकार ने 30,000 एकड़ में “भारत फ्यूचर सिटी” बसाने की योजना भी घोषित की है, जिसे आधुनिक और टिकाऊ विकास का मॉडल बनाया जाएगा।

--आईएएनएस

डीएससी

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